कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की नई अन्नपूर्णा योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछली सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना की सूची में कई गड़बड़ियां और अनियमितताएं सामने आने के बाद अब सरकार ने लाभार्थियों के चयन में सख्ती बरतने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि लगभग 30 लाख फर्जी नामों को सूची से हटाने की तैयारी चल रही है। सरकार का कहना है कि इस बार हर आवेदन पत्र और दस्तावेज की बेहद सावधानी से जांच की जाएगी। सभी कागजातों की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद ही लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार होगी।
12 पन्नों के फॉर्म को लेकर लोगों में बढ़ी चिंता
सरकार के इस फैसले के बीच लगभग 12 पन्नों के लंबे और विस्तृत आवेदन फॉर्म को लेकर आम लोगों के मन में सवाल और चिंता बढ़ गई है। कई लोगों को डर है कि कहीं जटिल प्रक्रिया के कारण जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित न रह जाएं। हालांकि सरकार का दावा है कि फॉर्म में ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगी गई है जिससे आम लोगों को परेशानी हो।
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने क्या कहा?
महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि शुरुआत में सरकार ने लक्ष्मी भंडार योजना को ही अन्नपूर्णा योजना में स्थानांतरित करने पर विचार किया था। लेकिन जांच में सामने आया कि पिछली योजना में कई अनियमितताएं थीं और महिलाओं के लिए निर्धारित लाभ का फायदा कई पुरुष उठा रहे थे। मंत्री ने कहा कि इसी वजह से विस्तृत आवेदन फॉर्म की आवश्यकता पड़ी है ताकि सही लाभार्थियों तक योजना का फायदा पहुंच सके।
फॉर्म भरने में सरकार करेगी मदद
अग्निमित्रा पाल ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को फॉर्म भरने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सरकार कैंप आयोजित करेगी, वहीं डीएम ऑफिस, कॉरपोरेशन ऑफिस, वार्ड और बोरो ऑफिस में भी सहायता उपलब्ध रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है क्योंकि आवेदन के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग सही जानकारी देंगे, उनका आवेदन खारिज होने का सवाल ही नहीं उठता।
इनकम टैक्स देने वालों को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने यह भी साफ किया है कि इनकम टैक्स देने वाले लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे। केवल पात्र लाभार्थियों को ही योजना में शामिल किया जाएगा।
दिलीप घोष का बयान
वहीं मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि सख्त जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बांग्लादेशी नागरिक सरकारी योजना का लाभ न उठा सकें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में अन्नपूर्णा योजना के आवेदन फॉर्म को और सरल बनाया जाएगा। दिलीप घोष ने कहा कि बिना जांच किसी को भी सरकारी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा और सभी आवेदन पत्रों तथा दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम सूची तैयार होगी।