गुवाहाटी, 7 अगस्त 2026 | असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही। गोलाघाट जिले में धनसिरी (दक्षिण) नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के बाद असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी ASDMA ने नया सार्वजनिक परामर्श जारी किया है। नदी किनारे और आसपास रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने तथा स्थिति सामान्य होने तक नदी के पास नहीं जाने को कहा गया है।
ASDMA के नवीनतम बाढ़ बुलेटिन के अनुसार 15 जिलों के 39 राजस्व सर्किलों में फैले 481 गांव प्रभावित हैं। बाढ़ की चपेट में आए लोगों की संख्या 1,68,701 है, जबकि 14,382.26 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है।
नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर धनसिरी नदी
धनसिरी (दक्षिण) नदी गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि राज्य की कोई नदी इस समय अपने दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर यानी Highest Flood Level से ऊपर नहीं है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
बारिश या ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने के कारण नदी का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे मछली पकड़ने, नहाने, पशुओं को ले जाने या नाव से अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
15 जिलों के 481 गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ प्रभावित जिलों में गोलाघाट, शिवसागर, उदलगुरी, कामरूप महानगर, कामरूप, नगांव, दरांग, सोनितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिश्वनाथ, जोरहाट, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी शामिल हैं।
प्रमुख प्रभावित जिलों की स्थिति:
| जिला | प्रभावित लोगों की संख्या |
|---|---|
| गोलाघाट | 54,085 |
| शिवसागर | 49,515 |
| जोरहाट | 27,842 |
| चराइदेव | 21,486 |
गोलाघाट इस समय सर्वाधिक प्रभावित जिला है। शिवसागर, जोरहाट, लखीमपुर और चराइदेव से फसलों के बड़े नुकसान की सूचना भी मिली है।
14,382 हेक्टेयर से ज्यादा फसल क्षेत्र जलमग्न
बाढ़ के पानी से 14,382.26 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से धान और अन्य मौसमी फसलों को नुकसान, मिट्टी के कटाव और पशु चारे की कमी का खतरा बढ़ सकता है।
कृषि नुकसान का अंतिम आकलन पानी उतरने और जिला प्रशासन के सर्वे पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल कई प्रभावित क्षेत्रों में खेती और ग्रामीण आजीविका बुरी तरह बाधित है।
133 राहत सुविधाएं संचालित
राज्य प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में कुल 133 राहत सुविधाएं सक्रिय रखी हैं। इनमें 50 राहत शिविर और 83 राहत वितरण केंद्र शामिल हैं।
कुल 10,111 विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 35,596 लोगों को शिविरों से बाहर राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
राहत एजेंसियों ने प्रभावित परिवारों में चावल, दाल, खाद्य तेल, पशु चारा और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की है। सबसे अधिक 7,005 लोग शिवसागर के राहत शिविरों में हैं। इसके बाद जोरहाट, नगांव, गोलाघाट और दरांग में विस्थापित लोगों को शिविरों में रखा गया है।
दो नई मौतें, इस साल संचयी मृतक संख्या 97
नवीनतम बुलेटिन में गोलाघाट और उदलगुरी जिले से एक-एक नई मौत दर्ज की गई है। इसके साथ इस वर्ष असम में बाढ़ से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों की संचयी संख्या 97 हो गई है। फिलहाल किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना नहीं है।
महत्वपूर्ण तथ्य-सुधार
प्रारंभिक जानकारी में “बाढ़ से अब तक दो लोगों की मौत” लिखा गया था। अधिक सटीक स्थिति यह है कि दो मौतें नवीनतम रिपोर्टिंग अवधि में दर्ज हुई हैं। इस साल की विभिन्न बाढ़ घटनाओं को मिलाकर संचयी मृतक संख्या 97 है।
365 मकान क्षतिग्रस्त, 41 हजार से ज्यादा पशु प्रभावित
- बाढ़ के कारण 365 घरों को नुकसान पहुंचा है। इनमें 40 मकान पूरी तरह नष्ट और 325 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- राज्य में 41,475 पशु और पोल्ट्री भी प्रभावित हुए हैं। पशुओं के लिए चारा, सुरक्षित आश्रय, पेयजल और पशु चिकित्सा सहायता की जरूरत बढ़ गई है।
- सड़कों, पुलों, तटबंधों और दूसरी सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में सड़कें अब भी पानी में डूबी हैं या उनके ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है।
राहत और बचाव टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात
आपदा प्रबंधन, पुलिस, नागरिक प्रशासन और दूसरी राहत एजेंसियों की टीमें नावों एवं जरूरी उपकरणों के साथ संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। अधिकारियों का ध्यान फंसे लोगों को निकालने, भोजन पहुंचाने, नदी के जलस्तर की निगरानी और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को बहाल करने पर है।
जिन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश मिले, उन्हें पहचान पत्र, जरूरी दवाएं, मोबाइल चार्जर, बच्चों का भोजन और पीने का पानी साथ रखने की सलाह दी गई है।
अभी भारी बारिश का खतरा खत्म नहीं
IMD ने असम और मेघालय मौसम उपखंड में 7 से 13 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया है। शुरुआती दिनों में गरज-चमक की गतिविधियां भी हो सकती हैं। इससे नदियों के जलस्तर, निचले इलाकों में जलभराव और पहले से प्रभावित जिलों में राहत अभियान पर दबाव बढ़ सकता है।
मौसम चेतावनी का अर्थ पूरे राज्य में एक जैसी मूसलाधार बारिश नहीं है। बारिश की तीव्रता जिले, तहसील और जलग्रहण क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।
- प्रभावित लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- नदी, नाले और बाढ़ग्रस्त पुलिया के पास न जाएं।
- तेज बहाव वाली सड़क को पैदल या वाहन से पार न करें।
- स्थानीय प्रशासन के निकासी निर्देश को नजरअंदाज न करें।
- बिजली के खंभों और पानी में डूबे तारों से दूरी बनाए रखें।
- दूषित पानी पीने से बचें और उबला या सुरक्षित पानी इस्तेमाल करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को बाढ़ के पानी में जाने से रोकें।
- पशुओं को ऊंचे तथा सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।
- अफवाहों के बजाय ASDMA और जिला प्रशासन के आधिकारिक अपडेट देखें।
FAQ: असम बाढ़ की ताजा स्थिति
1. असम में अभी कितने लोग बाढ़ से प्रभावित हैं?
नवीनतम ASDMA बुलेटिन के अनुसार 15 जिलों के 481 गांवों में 1,68,701 लोग प्रभावित हैं।
2. सबसे ज्यादा प्रभावित जिला कौन-सा है?
गोलाघाट में सर्वाधिक 54,085 लोग प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव हैं।
3. असम बाढ़ में कितनी मौतें हुई हैं?
नवीनतम रिपोर्टिंग अवधि में दो नई मौतें हुईं। इसके साथ इस वर्ष की बाढ़ से संबंधित घटनाओं में संचयी मृतक संख्या 97 हो गई है।
4. धनसिरी नदी की क्या स्थिति है?
धनसिरी (दक्षिण) नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ASDMA ने आसपास के लोगों से नदी से दूर रहने की अपील की है।
5. क्या असम में आगे भी भारी बारिश होगी?
IMD ने असम-मेघालय उपखंड में 7 से 13 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।