MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शुक्रवार, 7 अगस्त को छिंदवाड़ा दौरे के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभिनंदन किया। छिंदवाड़ा स्थित एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारी प्रमोशन मिलने की खुशी में मुख्यमंत्री का आभार जताने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों से संवाद करते हुए कहा कि लंबे समय से अटकी पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर सरकार ने कर्मचारियों को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जब किसी कर्मचारी के चेहरे पर खुशी दिखाई देती है तो उन्हें भी आनंद महसूस होता है। छिंदवाड़ा जिले में कुल 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की जानकारी कार्यक्रम में सामने आई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अभी बाकी है, उन्हें भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके मामलों पर भी ध्यान देगी।
प्रमोशन मिलने पर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित अभिनंदन समारोह में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को प्रमोशन मिलने के बाद उनके बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत कर पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनका धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने भी कर्मचारियों के बीच पहुंचकर उनकी खुशी साझा की और कहा कि सरकारी व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हित में कई स्तरों पर काम कर रही है और योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाने में प्रशासनिक अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है।
सालों से अटकी थी पदोन्नति की प्रक्रिया
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति का विषय लंबे समय से अटका हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया कि कर्मचारियों को उनका हक दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कई तरह की दिक्कतें सामने आईं। बावजूद इसके सरकार ने प्रयास जारी रखे और लंबे समय से रुकी प्रक्रिया को गति दी गई। उन्होंने कहा कि जब बाधाएं ज्यादा सामने आईं, तब भी सरकार पीछे नहीं हटी। परिणामस्वरूप जो काम वर्षों से लंबित था, वह कुछ ही दिनों में आगे बढ़ सका। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रमोशन केवल पद बदलने का विषय नहीं है, बल्कि इससे कर्मचारी के काम करने के उत्साह और जिम्मेदारी की भावना पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
'आपके खिले चेहरे देखकर आनंद आता है'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की खुशी पर विशेष रूप से बात की। उन्होंने कहा कि जब वे कर्मचारियों के खिले हुए चेहरे देखते हैं तो उन्हें भी आनंद होता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही पद और एक जैसी जिम्मेदारी निभाते रहने से कई बार व्यक्ति के भीतर निराशा या काम के प्रति एकरसता पैदा हो सकती है। ऐसे में पदोन्नति नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारी के साथ काम करने का अवसर देती है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, काम के प्रति उत्साह और सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है।
कुछ अधिकारी भूल गए थे DPC की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने पदोन्नति प्रक्रिया में आई देरी का जिक्र करते हुए कहा कि जब सरकार ने विभागों से इस संबंध में जानकारी जुटाई तो ऐसी स्थिति भी सामने आई कि कई अधिकारी यह तक भूल चुके थे कि DPC यानी Departmental Promotion Committee की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रमोशन की प्रक्रिया रुकी रहने के कारण व्यवस्था के स्तर पर भी इसका असर पड़ा था। सरकार ने विभागों से जानकारी लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कर्मचारी अभी पदोन्नति से वंचित रह गए हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके मामलों पर भी उचित कार्रवाई करेगी।
छिंदवाड़ा के नवनियुक्त शिक्षकों को मिले नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले के नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता जरूरी है। शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में पूरी जिम्मेदारी के साथ भूमिका निभाने का संदेश दिया।
छिंदवाड़ा में 1281 कर्मचारियों को प्रमोशन
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख बिंदु छिंदवाड़ा जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ रहा। जानकारी के मुताबिक जिले में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। लंबे समय से प्रमोशन की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पदोन्नति के बाद कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां और उच्च पद पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे विभागीय कार्यों में भी नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई है, उनके मामलों को भी सरकार देखेगी।
हर विभाग में भर्तियों पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रदेश में चल रही भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न विभागों में आवश्यकतानुसार भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार अकेले पुलिस विभाग में अगले दो वर्षों में करीब 18 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें लगभग एक हजार ड्राइवरों के पद भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में प्रोफेसरों की भर्ती की गई है और स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू की है और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
ढाई साल में करीब 1 लाख भर्तियों का दावा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार के पिछले ढाई साल के कार्यकाल में लगभग एक लाख भर्तियां की जा चुकी हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार आने वाले समय में करीब ढाई लाख और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी। सरकार की ओर से भर्ती और रोजगार को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को सरकारी क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी को दूर करना भी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास का जिक्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य गरीब, युवा, महिला और किसान सहित समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार कई ऐसे फैसले भी ले रही है, जिन्हें पहले लेने में लोग हिचकिचाते थे।
सरकार के काम में अधिकारी-कर्मचारियों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी प्रशासनिक तंत्र की होती है। अधिकारी और कर्मचारी जितनी प्रतिबद्धता से काम करेंगे, सरकारी योजनाओं का लाभ उतनी ही तेजी से आम लोगों तक पहुंच सकेगा। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से समझें और उनके समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभाव लोगों के जीवन में दिखाई देना है।
छिंदवाड़ा से शुरू हुआ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से होना महत्वपूर्ण है। इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को अधिकारियों के कार्यालय में बैठने के बजाय उन्हें क्षेत्र में जाकर आम लोगों के बीच रहने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसका उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क मजबूत करना है।
हर शुक्रवार अधिकारी जाएंगे जनता के बीच
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत शुक्रवार को अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्षेत्र में रहकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे। आम नागरिक अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और उनका मौके पर या जल्द से जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बैठकें और प्रशासनिक प्रक्रियाएं लगातार चलती रहती हैं, लेकिन जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
'मैं स्वयं भी अभियान में सहभागी हूं'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे स्वयं भी मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभियान केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार सभी लोग मिलकर जनता की समस्याओं को समझेंगे और उनके त्वरित समाधान की दिशा में काम करेंगे। इससे शासन और आम नागरिकों के बीच भरोसे का रिश्ता और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
बाकी कर्मचारियों के प्रमोशन पर भी सरकार का ध्यान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन कर्मचारियों को भी भरोसा दिलाया जिनकी पदोन्नति अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रमोशन की प्रक्रिया में जो अधिकारी-कर्मचारी पीछे रह गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके मामलों को भी देखेगी और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इस बयान के बाद लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच उम्मीद बढ़ी है।
प्रशासनिक व्यवस्था में क्या होगा असर?
पदोन्नति मिलने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च पदों पर नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। इससे विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बेहतर वितरण में मदद मिल सकती है। वहीं, नई नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रिया के जरिए विभागों में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की ओर से प्रमोशन और भर्ती दोनों पर जोर दिए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री का संदेश- सकारात्मक सोच के साथ करें काम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों को सकारात्मक बने रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी के लिए लंबे समय तक एक ही तरह का काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि जनता के काम को प्राथमिकता दें और शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी उन्हें भी ऊर्जा देती है और सरकार आगे भी कर्मचारियों के हित से जुड़े विषयों पर ध्यान देती रहेगी।