कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सुवेंदु अधिकारी सरकार ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य को लेकर एक युगांतरकारी फैसला लिया है। 'अंतर्राष्ट्रीय मासिक धर्म स्वच्छता दिवस' (International Menstrual Hygiene Day) के विशेष अवसर पर राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने घोषणा की है कि राज्य के हर गर्ल्स स्कूल में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि नई सरकार बंगाल की माताओं और बहनों की हर संभव मदद के लिए तैयार है। कार्यस्थलों, स्कूलों और कॉलेजों में महिलाओं को सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके दैनिक स्वास्थ्य और आराम का ख्याल रखना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए एक पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंपा जाएगा ब्लूप्रिंट
देश के शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर आगामी 30 तारीख को कोलकाता आ रहे हैं। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद केंद्रीय मंत्री का यह पहला बंगाल दौरा होगा। इस दौरान राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल महिलाओं और छात्राओं के विकास से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण फाइल (प्रस्ताव) उन्हें सौंपेंगी।
क्या है सरकार के इस मास्टर प्लान में?
अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य के स्कूलों की रूपरेखा में बड़ा बदलाव किया जाएगा:
वेंडिंग और डिस्पोजल मशीन: हर गर्ल्स स्कूल में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन के साथ-साथ इस्तेमाल किए गए पैड्स को तुरंत नष्ट करने के लिए 'पैड इनसिनेरेटर मशीन' (Pad Incinerator Machine) भी लगाई जाएगी।
एस्पिरेशनल टॉयलेट्स (Aspirational Toilets): स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए सामान्य शौचालय नहीं, बल्कि आधुनिक 'एस्पिरेशनल टॉयलेट्स' बनाए जाएंगे। इन शौचालयों में पर्याप्त पानी, हैंडवॉश और सैनिटरी नैपकिन डिस्पेंसर की आधुनिक व्यवस्था होगी।
सर्वे के बाद लिया गया फैसला: मंत्री ने एक नए सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि करीब 75% महिलाओं ने माना है कि अचानक पीरियड्स शुरू होने पर पैड न होने से उन्हें भारी परेशानी होती है। वहीं, 90% महिलाएं चाहती हैं कि शौचालयों में सैनिटरी पैड की व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो। महिलाओं की इसी जरूरत को देखते हुए नई सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।
महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य पर शुभेंदु सरकार का फोकस
पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद से ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर बेहद संवेदनशील नजर आ रही है। सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के बाद अब सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता (Health and Hygiene) को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है। सरकार के इस फैसले से स्कूल जाने वाली लाखों छात्राओं को झिझक और परेशानी से मुक्ति मिलेगी और ड्रॉप-आउट रेट में भी कमी आएगी।