नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन और रिटायर्ड आईएएस (IAS) अधिकारी ध्यानेंद्र कुमार की उनके ही घर में एयर कंडीशनर (AC) में हुए भीषण विस्फोट के कारण मौत हो गई। इस भयानक हादसे में पूर्व नौकरशाह का बेटा भी गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। एसी में यह धमाका कैसे हुआ, इसकी असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच में जुट गई है।
देर रात ११ बजे कमरे में फटा एसी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा गुरुवार रात करीब 11 बजे हौज खास स्थित ध्यानेंद्र कुमार के आवास पर हुआ। जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त घर में 80 वर्षीय ध्यानेंद्र कुमार, उनके परिवार के सदस्य और घरेलू सहायक मौजूद थे। अचानक एक कमरे में लगे एसी में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते उसमें भीषण आग लग गई।
धमाके और आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने कमरे से गंभीर रूप से झुलसे पूर्व आईएएस अधिकारी और उनके बेटे को बाहर निकाला और तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, इलाज के दौरान ध्यानेंद्र कुमार ने दम तोड़ दिया। उनके बेटे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में दे चुके थे सेवाएं
1946 में जन्मे ध्यानेंद्र कुमार 1968 बैच के बेहद सम्मानित आईएएस (IAS) अधिकारी थे। अपने प्रशासनिक करियर में उन्होंने देश और राज्य स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं:
मंत्रालयों में सेवाएं: उन्होंने केंद्र सरकार के सड़क और परिवहन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय में सचिव (Secretary) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
हरियाणा सरकार में भूमिका: वे हरियाणा राज्य सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों में बेहद महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
आरईसी के चेयरमैन: वह केंद्र सरकार के रूरल इलेक्ट्रीफिकेशन कॉरपोरेशन (REC) के चेयरमैन भी रह चुके थे।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव: इसके अलावा उन्होंने कई शीर्ष अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
CCI के पहले सारथी: देश के कॉर्पोरेट जगत और व्यापारिक बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Competition) बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने 'कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया' (CCI) का गठन किया था। ध्यानेंद्र कुमार को साल 2009 से 2011 तक इस आयोग के सबसे पहले चेयरमैन के रूप में काम करने का गौरव प्राप्त था। उनके निधन से प्रशासनिक और व्यापारिक गलियारों में शोक की लहर है।