गुजरात के आणंद जिले के खंभात इलाके के कुछ गांवों में कथित तौर पर जहरीली गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक, गैस फैलने के बाद इलाके में तेज दुर्गंध महसूस हुई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में पक्षी प्रभावित होने लगे। घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
200 से ज्यादा पक्षियों की मौत का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि जहरीली गैस के असर से करीब 200 पक्षियों की मौत हुई है। कुछ रिपोर्टों और स्थानीय दावों में पक्षियों की संख्या इससे भी अधिक होने की बात कही गई है। पक्षियों के अचानक गिरने और मरने की घटनाओं से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
500 बीघा से ज्यादा धान की फसल प्रभावित
गैस रिसाव का असर खेतों पर भी पड़ने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, 500 बीघा से अधिक क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है और कई जगह फसल पीली पड़ गई है। किसानों को आशंका है कि गैस के प्रभाव से उनकी तैयार होती फसल बर्बाद हो सकती है।
ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई
घटना के बाद ग्रामीणों ने गैस के स्रोत का पता लगाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि किसी औद्योगिक गतिविधि से गैस का रिसाव हुआ हो सकता है, हालांकि इसके वास्तविक स्रोत और गैस की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रशासन की जांच से सामने आएगा सच
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि गैस कहां से निकली और इसका पक्षियों तथा फसलों पर कितना असर पड़ा। मामले की वैज्ञानिक जांच के बाद ही गैस के प्रकार, रिसाव के कारण और नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आणंद और आसपास का क्षेत्र कृषि तथा पक्षी विविधता के लिए भी जाना जाता है, इसलिए घटना ने पर्यावरण को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।