नई दिल्ली। हज यात्रा को लेकर हवाई किराए में संभावित भारी बढ़ोतरी पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए यात्रियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने स्पष्ट किया कि एयरलाइंस द्वारा प्रस्तावित बढ़ोतरी को काफी हद तक कम करा दिया गया है, जिससे हज यात्रियों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।
एयरलाइंस ने मांगी थी भारी बढ़ोतरी
मंत्री के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तनाव और ईरान-इस्राइल जैसे हालातों के कारण एयरलाइंस कंपनियों ने हज यात्रियों के हवाई किराए में लगभग 400 डॉलर (करीब 38 हजार रुपये) की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था। यदि यह लागू होता, तो हज यात्रा कई लोगों के लिए बेहद महंगी हो जाती और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर बड़ा असर पड़ता।
सरकार की बातचीत से मिली राहत
स्थिति को देखते हुए मंत्रालय ने एयरलाइंस कंपनियों के साथ कई दौर की बातचीत की। इस बातचीत के बाद प्रस्तावित बढ़ोतरी को घटाकर 100 डॉलर (करीब 9,000 रुपये) कर दिया गया है। यह निर्णय हज समिति के माध्यम से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए लागू होगा, जिससे लाखों लोगों को राहत मिली है।
निजी ऑपरेटरों के लिए भी सीमित बढ़ोतरी
जो यात्री निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए हज यात्रा करेंगे, उनके लिए भी बढ़ोतरी को नियंत्रित किया गया है। उनके किराए में अधिकतम 150 डॉलर (लगभग 14,000 रुपये) की वृद्धि तय की गई है, जो पहले की तुलना में काफी कम है।
सरकार की प्राथमिकता - सस्ती और सुगम यात्रा
Kiren Rijiju ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर वर्ग के लोग, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर लोग, आसानी से हज यात्रा कर सकें। इसलिए प्रयास किया गया कि किराए में बढ़ोतरी न्यूनतम रहे और यात्रियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।