नई दिल्ली: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब मॉनसून को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। भारतीय मौसम विभाग यानी IMD ने 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और सूखे की स्थिति गंभीर हो सकती है।
सामान्य से कम रह सकता है मॉनसून
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जून से सितंबर 2026 के बीच देश में कुल बारिश दीर्घकालिक औसत यानी LPA का करीब 90 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि इस साल मॉनसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग ने खासतौर पर उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में कम बारिश की आशंका जताई है।
जून महीने में ही दिख सकता है असर
मौसम विभाग के अनुसार जून 2026 में भी बारिश सामान्य से कम रह सकती है। अनुमान है कि इस महीने देश में औसत वर्षा 92 प्रतिशत से नीचे रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है।
भीषण गर्मी और लंबे हीटवेव का अलर्ट
IMD ने तापमान को लेकर भी डराने वाला अनुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक जून में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा। इसका सीधा असर लोगों की सेहत और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है। लंबे समय तक हीटवेव चलने की आशंका भी जताई गई है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में सामान्य से अधिक दिनों तक हीटवेव चल सकती है। इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल सकता है।
राजस्थान और झारखंड को मिल सकती है राहत
हालांकि IMD ने राजस्थान और झारखंड के लिए थोड़ी राहत की खबर भी दी है। विभाग का अनुमान है कि इन राज्यों में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से कम रह सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
खेती और पानी की चिंता बढ़ी
कमजोर मॉनसून का असर खेती, जलसंकट और बिजली की मांग पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश सामान्य से कम रहती है तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है और कई राज्यों में पानी की समस्या गहरा सकती है।