जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग लगने के बाद हुए जोरदार धमाकों से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर अवैध रूप से संचालित फैक्ट्रियों और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिहायशी इलाके में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री
जानकारी के अनुसार यह पटाखा फैक्ट्री जयपुर शहर से करीब 22 किलोमीटर दूर खा नागोरियन क्षेत्र की एक रिहायशी बस्ती में संचालित की जा रही थी। करीब 100 वर्ग गज के मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाने और भंडारण का काम किया जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री काफी समय से चल रही थी, लेकिन इसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे संवेदनशील कारोबार का घनी आबादी वाले क्षेत्र में संचालित होना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सुबह अचानक लगी आग, फिर होने लगे धमाके
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और वहां रखे पटाखों में विस्फोट शुरू हो गए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाकों और आग की लपटों से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोग किसी तरह संकरे रास्ते से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई लोग अंदर ही फंस गए।
राहत-बचाव में हुई देरी, 40 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
घटना स्थल शहर से दूर होने के कारण दमकल विभाग की टीमों को मौके तक पहुंचने में करीब 40 मिनट का समय लग गया। इस दौरान आग लगातार फैलती रही और स्थिति और गंभीर होती गई। स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन धमाकों के कारण अंदर जाना बेहद जोखिम भरा था। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
हादसे की सूचना मिलने के बाद जिला कलेक्टर, एडीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। हालांकि अधिकारियों ने घटना को लेकर जांच की बात कही, लेकिन यह सवाल लगातार उठता रहा कि आखिर रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी अवैध पटाखा फैक्ट्री लंबे समय से कैसे संचालित हो रही थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।
विधायक ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
घटना के बाद मौके पर पहुंचे कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन मौतों के लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार है, क्योंकि अवैध फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी और संबंधित विभागों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। विधायक ने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फैक्ट्री को किया गया सील, जांच शुरू
हादसे के बाद प्रशासन ने जिस मकान में पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी, उसे सील कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री किसकी थी, किसकी अनुमति से संचालित हो रही थी और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिस्टम की लापरवाही ने ली पांच जिंदगियां
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन पहले ही अवैध फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई करता तो पांच लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह हादसा न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अवैध गतिविधियों पर समय रहते अंकुश न लगाने की कीमत कितनी भारी पड़ सकती है।