जम्मू: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बादल फटने और जम्मू शहर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इस बीच ऐतिहासिक मुबारक मंडी परिसर में स्थित करीब 200 साल पुराने गदाधर मंदिर का एक हिस्सा ढह गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए।
रियासी में बादल फटने से कई घरों को नुकसान
रियासी जिले में बादल फटने की घटना के बाद कई मकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है तथा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है।
200 साल पुराने गदाधर मंदिर का हिस्सा गिरा
जम्मू के ऐतिहासिक मुबारक मंडी परिसर में स्थित गदाधर मंदिर का एक हिस्सा गुरुवार को तेज बारिश के दौरान अचानक ढह गया। यह मंदिर भगवान विष्णु के गदाधर स्वरूप को समर्पित माना जाता है और क्षेत्र की महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है।
स्मार्ट सिटी परियोजना की खुदाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर के आसपास स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लंबे समय से खुदाई का कार्य चल रहा था। उनका कहना है कि मंदिर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए, जिससे उसकी नींव कमजोर हो गई। लोगों ने दावा किया कि पहले भी प्रशासन को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया गया था, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई।
हादसे से कुछ मिनट पहले खत्म हुआ था भंडारा
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, मंदिर परिसर में हादसे से लगभग 15 मिनट पहले ही भंडारे का कार्यक्रम समाप्त हुआ था। यदि मंदिर का हिस्सा कार्यक्रम के दौरान गिरता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस तथ्य ने लोगों की चिंता और आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
जम्मू युवा राजपूत सभा समेत कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
प्रशासन कर रहा स्थिति की समीक्षा
प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है। स्थानीय लोगों ने मंदिर के शेष हिस्से को सुरक्षित करने और भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।