नदिया (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हरिणघाटा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई 13 वर्षीय किशोरी को पश्चिम बंगाल और असम पुलिस के संयुक्त प्रयास से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। शनिवार सुबह घर से गायब हुई किशोरी को तलाशने के दौरान पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा—उसका मोबाइल फोन घर पर ही छूट गया था। इसी फोन में मौजूद सोशल मीडिया अकाउंट और चैट की जांच से पुलिस को असम तक पहुंचने का रास्ता मिला। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए किशोरी की पहचान असम के बरपेटा निवासी एक 16 वर्षीय किशोर से हुई थी। जांच में सामने आया कि किशोर ने कथित तौर पर उसे शादी का झांसा देकर असम बुलाया था।
शनिवार सुबह घर से अचानक गायब हुई किशोरी
हरिणघाटा इलाके में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी शनिवार सुबह करीब 11 बजे अचानक घर से लापता हो गई। परिवार ने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच शुरू की।
घर पर छूटे मोबाइल से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई थी। आम तौर पर ऐसी स्थिति में फोन लोकेशन ट्रैकिंग का सीधा फायदा नहीं मिल पाता, लेकिन पुलिस ने मोबाइल में मौजूद सोशल मीडिया अकाउंट्स और बातचीत की जांच शुरू की। चैट की जांच में पुलिस को असम के बरपेटा से जुड़े एक किशोर का पता चला। पुलिस के मुताबिक, दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी और बाद में उनके बीच कथित रूप से करीबी संबंध बन गए थे।
शादी का झांसा देकर असम बुलाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, 16 वर्षीय किशोर ने किशोरी को शादी का झांसा देकर असम आने के लिए कहा था। जांच में यह भी सामने आया कि किशोर ने कथित तौर पर उसे अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ने की सलाह दी थी, ताकि उसकी लोकेशन को ट्रैक न किया जा सके।इस सुराग के आधार पर हरिणघाटा पुलिस ने असम पुलिस से संपर्क किया और मामले की जानकारी साझा की।
बरपेटा पहुंची पुलिस, पूछताछ में सामने आया ट्रेन का सुराग
असम पुलिस की टीम ने बरपेटा में संबंधित किशोर के घर पहुंचकर उससे पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि किशोरी ट्रेन से असम की ओर आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित ट्रेन और स्टेशन की जानकारी जुटाई और बोंगाईगांव रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी।
सादे कपड़ों में महिला पुलिस टीम ने ट्रेन में चलाया सर्च ऑपरेशन
किशोरी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए असम पुलिस की एक महिला टीम सादे कपड़ों में बोंगाईगांव स्टेशन पहुंची। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने उपलब्ध तस्वीर के आधार पर अलग-अलग डिब्बों की तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस ने किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद उसे पुलिस की सुरक्षा में लिया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
नदिया वापस लाने की प्रक्रिया शुरू
किशोरी की बरामदगी के बाद हरिणघाटा पुलिस की विशेष टीम असम के लिए रवाना हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किशोरी को पश्चिम बंगाल लाया जाएगा। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया की भूमिका पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने नाबालिगों की सोशल मीडिया गतिविधियों और ऑनलाइन पहचान से जुड़े जोखिमों को भी सामने ला दिया है। पुलिस की जांच में सोशल मीडिया चैट ही वह अहम कड़ी बनी, जिसने एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंची किशोरी का पता लगाने में मदद की। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोरी को असम ले जाने की पूरी योजना कैसे बनाई गई थी तथा इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।