बेंगलुरु: बेंगलुरु में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। DRI की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने गांधीनगर इलाके में एक व्यक्ति को रोककर उसके पास मौजूद हरे रंग के ट्रॉली बैग से 180 जिंदा इंडियन स्टार कछुए बरामद किए। यह कार्रवाई DRI के ‘ऑपरेशन कूर्म’ के तहत की गई। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद कछुओं की पहचान Geochelone elegans के रूप में हुई है। मामले में कछुओं को ले जा रहे व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुरुआती पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि उसे यह खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए दी गई थी। DRI अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है।
हरे ट्रॉली बैग में छिपाकर रखे थे 180 कछुए
DRI को संरक्षित वन्यजीवों की अवैध आवाजाही से जुड़ी खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने बेंगलुरु के गांधीनगर इलाके में निगरानी बढ़ाई। सोमवार को एक संदिग्ध व्यक्ति को हरे रंग का ट्रॉली बैग लेकर जाते हुए रोका गया। बैग की तलाशी लेने पर उसके अंदर छह कपड़े के कवर मिले। इन कवरों में कुल 180 जिंदा इंडियन स्टार कछुए रखे गए थे। अधिकारियों ने कछुओं को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
₹10 हजार में कलसीपल्या से मैजेस्टिक तक पहुंचानी थी खेप
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे ट्रॉली बैग कलसीपल्या इलाके में किसी अन्य व्यक्ति से मिला था। उसे निर्देश दिया गया था कि बैग को मैजेस्टिक पहुंचाकर वहां एक अन्य व्यक्ति को सौंपना है। इसके बदले उसे ₹10,000 दिए जाने का कथित तौर पर वादा किया गया था। आरोपी के मुताबिक, वह इसी रकम के लिए कछुओं की खेप पहुंचाने का काम कर रहा था। हालांकि, इन बयानों और तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी की पुष्टि जांच के आगे बढ़ने के साथ होगी।
इंडियन स्टार कछुए संरक्षित प्रजाति
इंडियन स्टार कछुआ (Geochelone elegans) भारत में संरक्षित वन्यजीव है और इसका अवैध व्यापार लंबे समय से वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों के लिए चिंता का विषय रहा है। DRI के मुताबिक, मौजूदा मामले में बरामद कछुए Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति हैं। इंडियन स्टार कछुए अपनी पीठ पर बने विशिष्ट तारेनुमा पैटर्न के कारण आसानी से पहचाने जाते हैं। अवैध वन्यजीव व्यापार में इनकी मांग के कारण यह प्रजाति तस्करों के निशाने पर रहती है। पहले भी भारतीय एजेंसियां कछुओं और अन्य संरक्षित प्रजातियों की तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान चला चुकी हैं। केंद्र सरकार के Wildlife Crime Control Bureau ने अतीत में ‘Operation Save Kurma’ के जरिए बड़े पैमाने पर जीवित कछुओं की बरामदगी की थी।
बड़े तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
DRI की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस इस बात पर है कि 180 कछुए कहां से लाए गए थे और इन्हें आगे किसे सौंपा जाना था। एजेंसी कलसीपल्या से खेप देने वाले कथित हैंडलर और मैजेस्टिक में इसे लेने वाले व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।