रानीगंज (पश्चिम बंगाल) | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को रानीगंज पहुंचकर हज़ूर गौसे बंगला दरगाह पर जियारत की और दुआ मांगी। दौरे के दौरान उनके साथ आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से AIMIM उम्मीदवार दानिश अजीज सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक मौजूद रहे। उनके आगमन को लेकर पूरे इलाके में भारी उत्साह देखने को मिला।
“मुसलमानों के लिए स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व जरूरी” – ओवैसी
दरगाह परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM का मकसद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय के लिए एक मजबूत और स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना है। उन्होंने कहा कि अब तक राज्य का मुस्लिम वोट बैंक सीमित राजनीतिक दलों के इर्द-गिर्द रहा है, लेकिन इसके बावजूद समुदाय के सामाजिक और आर्थिक हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।
“हम किसी की बी-टीम नहीं” – ओवैसी का पलटवार
ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी को कभी भाजपा की बी-टीम तो कभी टीएमसी की बी-टीम कहा जाता है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि AIMIM किसी भी राजनीतिक दल की “बी टीम” नहीं है और उनकी पार्टी केवल जनता, खासकर वंचित और पिछड़े वर्गों की आवाज है।
“गरीबी और अशिक्षा सबसे बड़ी चुनौती” – AIMIM का दावा
ओवैसी ने आगे कहा कि आज भी मुस्लिम समुदाय का बड़ा हिस्सा गरीबी, बेरोजगारी और शिक्षा की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि इन हालात से बाहर निकलने के लिए समुदाय को राजनीतिक रूप से जागरूक और मजबूत होना होगा, ताकि वे अपने अधिकारों के लिए खुद आवाज उठा सकें।
रानीगंज दौरे के बाद बढ़ी सियासी हलचल
रानीगंज में ओवैसी के दौरे के बाद इलाके में चुनावी माहौल और तेज हो गया है। स्थानीय स्तर पर इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी गर्म हो गई हैं।