पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम नहीं है। चड्ढा का वोटर ID पंजाब के मोहाली में पंजीकृत है, लेकिन ड्राफ्ट मतदाता सूची में उनका नाम ‘Permanently Shifted’ कैटेगरी में दर्ज किया गया है। इसको लेकर राघव चड्ढा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राघव चड्ढा ने लगाया राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब सरकार के अधिकारियों के जरिए उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया।
चड्ढा ने कहा कि यह महज गलती नहीं लगती, बल्कि स्पष्ट राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी छोड़ने और पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने के बाद से उन पर लगातार राजनीतिक हमले हो रहे हैं।
पंजाब में SIR के तहत लाखों नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर
पंजाब समेत कई राज्यों में इस समय मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चल रहा है। पंजाब में जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुताबिक, SIR से पहले राज्य के कुल मतदाताओं में से करीब 9.7 प्रतिशत यानी 20.66 लाख नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए हैं। राघव चड्ढा का नाम भी इसी सूची में शामिल है।
हालांकि, किसी मतदाता का ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होना अंतिम रूप से मतदाता सूची से नाम हटने के समान नहीं है। ड्राफ्ट सूची के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं।
AAP का चड्ढा पर तंज
राघव चड्ढा के आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। AAP ने तंज कसते हुए कहा कि राघव चड्ढा राजनीतिक विचारधारा से दूर हो गए हैं और इसी वजह से मतदाता सूची से भी उनका नाम हट गया।
गौरतलब है कि राघव चड्ढा ने अप्रैल में आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। उनके साथ AAP के छह अन्य सांसदों के भी बीजेपी में शामिल होने की बात सामने आई थी। पार्टी छोड़ने के दौरान चड्ढा ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी अपने मूल विचारों और उद्देश्यों से भटक गई है।