नई दिल्ली- खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ई-कॉमर्स ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म Swiggy Instamart को ग्राहकों की शिकायतों के आधार पर 9 नोटिस जारी किए हैं। इन शिकायतों में सड़ा हुआ, दूषित, एक्सपायर्ड और खराब गुणवत्ता वाला खाद्य सामान डिलीवर करने के आरोप लगाए गए थे। FSSAI ने कुछ मामलों में स्वयं संज्ञान लेते हुए भी कार्रवाई की है। हालांकि, कंपनी ने इन नोटिसों को प्रशासनिक प्रकृति का बताते हुए कहा है कि मामला अब सुलझ चुका है।
ग्राहकों की शिकायतों के बाद FSSAI का एक्शन
FSSAI के अनुसार, उसे कई ग्राहकों से खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिली थीं। इनमें एक्सपायर्ड फूड, खराब दूध, सड़े हुए अंडे, डैमेज पैकेजिंग और दूषित खाद्य सामग्री की डिलीवरी जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। शिकायतों की समीक्षा के बाद नियामक ने Swiggy Instamart को कुल 9 नोटिस जारी किए और जवाब मांगा।
बच्चों के फूड प्रोडक्ट को लेकर सामने आया गंभीर मामला
FSSAI ने बताया कि एक मामले में बच्चों के लिए भेजा गया फूड प्रोडक्ट बेहद खराब और असुरक्षित स्थिति में ग्राहक तक पहुंचा। जांच में सामने आया कि उत्पाद को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया था। सबसे गंभीर बात यह रही कि ग्राहक द्वारा लौटाने के बाद कथित रूप से उसी खराब प्रोडक्ट को दोबारा सप्लाई कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर भी साझा की गई जानकारी
FSSAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि Swiggy Instamart को भेजे गए नोटिस ग्राहकों की शिकायतों और विभाग द्वारा स्वयं संज्ञान लेने के आधार पर जारी किए गए हैं। प्राधिकरण ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Swiggy ने दिया अपना पक्ष
Swiggy ने नियामकीय फाइलिंग में कहा कि यह मामला खाद्य सुरक्षा से जुड़ा नहीं बल्कि लाइसेंस से संबंधित कुछ प्रशासनिक विवरणों के अपडेट का था। कंपनी के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 को संशोधित FSSAI लाइसेंस प्राप्त करने के बाद यह मुद्दा सुलझ गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उस पर कोई आर्थिक जुर्माना नहीं लगाया गया है और इससे उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अन्य कंपनियों पर भी जारी हैं कार्रवाई
FSSAI हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में कई खाद्य और पेय कंपनियों को भी भ्रामक दावों, अनधिकृत फ्लेवर के इस्तेमाल और नियमों के उल्लंघन के मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। नियामक ने संबंधित कंपनियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब मांगा है।