कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जांच के कड़े दौर में पहुंच गया है। गुरुवार को राज्य पुलिस की सीआईडी (CID) की एक टीम अचानक चौरंगी से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ विधायक नयना बंद्योपाध्याय के आवास पर पहुंच गई। सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हेयर स्ट्रीट थाने में नयना बंद्योपाध्याय के हस्ताक्षर की प्रामाणिकता को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सीआईडी को सौंप दिया गया। इसी शिकायत के आधार पर सीआईडी की टीम विधायक के घर जांच के लिए पहुंची थी।
हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के साथ पहुंची 6 सदस्यों की टीम
गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जब सीआईडी की 6 सदस्यीय टीम पहली बार विधायक के घर पहुंची, तब नयना बंद्योपाध्याय ईद के एक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे सीआईडी की टीम दोबारा उनके आवास पर पहुंची। इस बार विधायक घर पर ही मौजूद थीं। सीआईडी टीम में इस बार हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स (हस्तलेख विशेषज्ञ) भी शामिल थे। अधिकारियों ने नयना बंद्योपाध्याय से पूछताछ की और इस पूरी प्रक्रिया की बकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके साथ ही अधिकारियों ने उनके पैन कार्ड (PAN Card) की भी जांच की।
'हस्ताक्षर की जगह कैपिटल लेटर में लिखा था नाम' - नयना बंद्योपाध्याय
सीआईडी की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक नयना बंद्योपाध्याय ने कहा:"बीती 6 मई को विपक्ष का नेता कौन होगा, इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर एक बैठक हुई थी। उस समय पार्टी के फैसले के अनुसार एक फॉर्मेट तैयार किया गया था, जिस पर मैंने हस्ताक्षर किए थे। मैंने वहां दस्तखत की जगह कैपिटल लेटर्स (अंग्रेजी के बड़े अक्षरों) में अपना नाम लिखा था। सीआईडी ने मुझे वही कागज दिखाया और मैंने साफ कह दिया है कि यह मेरी ही हैंडराइटिंग है।"
उन्होंने आगे नाराजगी जताते हुए कहा, "मैं पांच बार की विधायक हूं। साल 2001 में जब मैं पहली बार विधायक बनी थी, तब राज्य में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) की सरकार थी। लेकिन अपने राजनीतिक जीवन में मुझे कभी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा। यह वाकई हैरान करने वाला (Shocking) है। मैंने इस बारे में शोभन दा (शोभनदेव चट्टोपाध्याय) को बता दिया है। उनसे बात करने के बाद मैं तय करूंगी कि पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को इस बारे में जानकारी देनी है या नहीं।"
विपक्ष ने साधा निशाना, करीबियों ने बताया उत्पीड़न
दूसरी तरफ, चौरंगी विधानसभा सीट से नयना बंद्योपाध्याय के खिलाफ चुनाव लड़ चुके पराजित भाजपा उम्मीदवार संतोष पाठक ने इस मामले पर चुटकी ली है। उन्होंने कहा, "नयना बंद्योपाध्याय और उनके पति के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें रही हैं। वे हस्ताक्षर को लेकर भी हेरफेर (दो नंबरी) कर सकती हैं।"
हालांकि, नयना बंद्योपाध्याय के करीबी सूत्रों और समर्थकों का कहना है कि सिर्फ एक हस्ताक्षर जैसी मामूली बात को लेकर पांच बार की वरिष्ठ महिला विधायक को इस तरह परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है।