श्रीनगर: भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के विशेष दूत सर्जियो गोर बुधवार को पहली बार जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर दौरे पर पहुंचे। धारा 370 के निरस्त्रीकरण और पहलगाम में हुए घटनाक्रम के बाद केंद्र शासित प्रदेश में किसी शीर्ष अमेरिकी प्रतिनिधि का यह पहला व्यक्तिगत दौरा है। श्रीनगर की धरती पर कदम रखते ही अमेरिकी राजदूत ने स्पष्ट लहजे में जम्मू-कश्मीर को "भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा" करार दिया। अपने इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से उनके गुपकार स्थित आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।अमेरिकी राष्ट्रपति [डोनल्ड ट्रंप] के करीबी माने जाने वाले राजदूत सर्जियो गोर का यह बयान वैश्विक मंच पर भारत के रुख की एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ आर्थिक सहयोग पर चर्चा
श्रीनगर पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से विस्तृत बातचीत की। बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए अमेरिकी राजदूत ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जम्मू-कश्मीर में आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभदायक अवसर पैदा करने पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक को उन्होंने बेहद गर्मजोशी भरा और सकारात्मक बताया।
'लेवल-4 ट्रेवल एडवाइजरी' पर पुनर्विचार का आश्वासन
अमेरिका ने वर्तमान में सुरक्षा और आतंकवाद की आशंकाओं के कारण जम्मू-कश्मीर के लिए 'लेवल-4' यानी 'यात्रा न करने' (Do Not Travel) की सख्त एडवाइजरी लागू कर रखी है। इस पर बात करते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए शानदार कदम उठाए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्हाइट हाउस की सिफारिशों के तहत वाशिंगटन इस यात्रा प्रतिबंध पर पुनर्विचार करेगा और इसमें ढील देने की संभावना तलाश की जाएगी ताकि अमेरिकी नागरिक भी घाटी की सुंदरता और अवसरों का अनुभव कर सकें।
महबूबा मुफ़्ती और स्थानीय नेताओं की अपील
अमेरिकी राजदूत के इस दौरे से ठीक पहले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ने अमेरिका से ट्रेवल चेतावनी हटाने की सार्वजनिक अपील की थी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में हजारों परिवारों की आजीविका पर्यटन पर निर्भर है, ऐसे में अमेरिकी ट्रेवल एडवाइजरी कश्मीर और दुनिया के बीच एक दीवार की तरह काम कर रही है।
कूटनीतिक स्तर पर भारत के लिए सकारात्मक संकेत
पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से लगातार की जाने वाली उकसावे की कार्रवाइयों के बीच अमेरिकी दूत का यह बयान कूटनीतिक रूप से अत्यंत मायने रखता है। जम्मू-कश्मीर पर भारत के संप्रभु रुख को अमेरिकी प्रतिनिधि द्वारा प्रत्यक्ष समर्थन मिलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पड़ोसी देश के दुष्प्रचार को बड़ा झटका देता है।
श्रीनगर के बाद लद्दाख का दौरा
श्रीनगर में अपने तय कार्यक्रमों और बैठकों को पूरा करने के बाद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का अगला पड़ाव लद्दाख होगा। अपने इस बहु-स्तरीय दौरे के जरिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल क्षेत्र के सुरक्षा हालात, विकास पहलों और आर्थिक संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर रहा है।