कोलकाता/बोलपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन को लेकर शुरू हुआ हस्ताक्षर विवाद अब गहराता जा रहा है। इस मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी (CID) के अधिकारियों ने बोलपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक चंद्रनाथ सिन्हा के नाएक पाड़ा स्थित आवास पर दस्तक दी। सीआईडी यह जांच कर रही है कि राज्य के विपक्ष के नेता के लिए लाए गए प्रस्ताव (रेज़ोल्यूशन) पर किया गया हस्ताक्षर असल में उनका है या नहीं।
सिर्फ चंद्रनाथ सिन्हा ही नहीं, बल्कि सीआईडी की टीम चौरंगी की टीएमसी विधायक नयना बंद्योपाध्याय और कैनिंग पूर्व के विधायक हारुल इस्लाम के घर भी पहुंची। इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक, बेलघाटा के टीएमसी नेता कुणाल घोष के आवास पर भी सीआईडी अधिकारी पहुंचे।
'नाटक करने की बजाय विधायकों को बुला लेते' - चंद्रनाथ सिन्हा
सीआईडी की इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बोलपुर के विधायक चंद्रनाथ सिन्हा ने कहा:"यह सब नाटक करने के बजाय, मुख्यमंत्री शुभेंदु बाबू (शुभेंदु अधिकारी) चूंकि विधानसभा के सेक्रेटरी हैं, तो वह विधायकों को खुद बुलाकर पूछ सकते थे कि विपक्ष के नेता के रूप में वे शोभनदेव बाबू को चाहते हैं या नहीं। या फिर कितने लोग उन्हें चाहते हैं, यह आसानी से देखा जा सकता था। इसके लिए केस करके लोगों को भ्रम में डालना बिल्कुल सही नहीं है।"
चंद्रनाथ सिन्हा ने आगे बताया कि जब गुरुवार शाम को सीआईडी की टीम उनके घर आई थी, तब वह वहां मौजूद नहीं थे और रात में अधिकारी दोबारा नहीं आए। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने यह साफ नहीं किया कि उस प्रस्ताव पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे या नहीं।
क्या है पूरा विवाद?
गौरतलब है कि पिछले दिनों आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस इस बार विपक्ष की भूमिका में आ गई है। चुनाव नतीजों के ठीक एक दिन बाद, ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर नवनिर्वाचित विधायकों की एक अहम बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से टीएमसी के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था।
विवाद तब शुरू हुआ जब इस रेज़ोल्यूशन पर किए गए कुछ टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता पर संदेह जताया गया। विधानसभा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा दर्ज कराए गए मामले के बाद सीआईडी ने इस मामले की जांच अपने हाथों में ली। सीआईडी की सूची में टीएमसी के कई बड़े विधायकों के नाम शामिल हैं, जिनसे पूछताछ और हस्ताक्षर के सत्यापन के लिए अधिकारी लगातार उनके घरों का दौरा कर रहे हैं।