कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य को स्वच्छ और कचरा-मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 30 मई से ‘स्वच्छ ऐप’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके जरिए नागरिक सीधे सफाई से जुड़ी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे।
डिजिटल तरीके से दर्ज होगी शिकायत
इस ऐप के माध्यम से लोग अपने इलाके की गंदगी, कचरा और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की शिकायत सीधे नगर प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। शिकायत प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
फोटो के साथ शिकायत करने की सुविधा
नागरिक सड़क पर पड़े कचरे या गंदगी की तस्वीर खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकेंगे। इसके आधार पर संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा और समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू होगी।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल का बयान
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद स्वच्छता नियमों को और प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रयास है। शुरुआत में तीन महीने तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
नियम उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खुले में कचरा फेंकना, गंदगी फैलाना या सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय अपराध होगा। 1 सितंबर के बाद नियम तोड़ने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाएगा।
तीन महीने चलेगा जागरूकता अभियान
अगस्त तक राज्यभर में स्वच्छता को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोग नए नियमों को समझें और उनका पालन करें।
कचरा-मुक्त बंगाल की दिशा में कदम
सरकार का लक्ष्य “स्वच्छ, स्मार्ट और आधुनिक बंगाल” बनाना है, जिसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बेहद अहम माना जा रहा है।