सनातन धर्म में चातुर्मास को साधना, तप, भक्ति और आत्मचिंतन का सबसे पवित्र काल माना जाता है। पंचांग के अनुसार 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के दिन आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा से चातुर्मास का शुभारंभ होगा। इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और अगले चार महीनों तक कई मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। धार्मिक मान्यता है कि चातुर्मास का समय आध्यात्मिक उन्नति, सत्संग, जप-तप, दान, व्रत और ईश्वर भक्ति के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। यह काल आत्मशुद्धि और संयम का संदेश देता है।
चातुर्मास में कौन-कौन से कार्य रहेंगे वर्जित?
चातुर्मास के दौरान कई शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इस अवधि में विशेष रूप से-
विवाह संस्कार
यज्ञोपवीत (जनेऊ संस्कार)
मुंडन (चौल कर्म)
गृह प्रवेश जैसे कई मांगलिक कार्य
सभी प्रकार के व्यसन और नशे से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इस समय पूजा-पाठ, व्रत, दान और आध्यात्मिक साधना को विशेष फलदायी माना गया है।
चार महीनों का धार्मिक महत्व
श्रावण: भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक और शिव आराधना का माह।
भाद्रपद: भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और जन्माष्टमी का उत्सव।
आश्विन: पितृ पक्ष, गणेश उत्सव और शारदीय नवरात्रि का पावन समय।
कार्तिक: दीपावली, महालक्ष्मी पूजा, देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह के साथ शुभ कार्यों की पुनः शुरुआत।
चातुर्मास 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार
| तिथि | प्रमुख पर्व |
|---|---|
| 29 जुलाई | चातुर्मास प्रारंभ, गुरु पूर्णिमा |
| 12 अगस्त | हरियाली अमावस्या |
| 17 अगस्त | नाग पंचमी |
| 19 अगस्त | तुलसी जयंती |
| 28 अगस्त | रक्षाबंधन |
| 2 सितंबर | हल छठ |
| 4 सितंबर | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी |
| 14 सितंबर | हरितालिका तीज, गणेश स्थापना |
| 15 सितंबर | ऋषि पंचमी |
| 18 सितंबर | संतान सप्तमी |
| 19 सितंबर | राधाष्टमी |
| 21 सितंबर | तेजा दशमी |
| 22 सितंबर | जलझूलनी एकादशी |
| 25 सितंबर | अनंत चतुर्दशी |
| 26 सितंबर | महालय श्राद्ध प्रारंभ |
| 10 अक्टूबर | सर्वपितृ अमावस्या |
| 11 अक्टूबर | शारदीय नवरात्रि प्रारंभ |
| 20 अक्टूबर | विजयादशमी (दशहरा) |
| 25 अक्टूबर | शरद पूर्णिमा |
| 29 अक्टूबर | करवा चौथ |
| 5 नवंबर | रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी |
| 6 नवंबर | धनतेरस |
| 8 नवंबर | दीपावली, महालक्ष्मी पूजन |
| 9 नवंबर | सोमवती अमावस्या |
| 10 नवंबर | गोवर्धन पूजा, अन्नकूट |
| 11 नवंबर | भाई दूज |
| 15 नवंबर | सूर्य षष्ठी (छठ पूजा) |
| 17 नवंबर | गोपाष्टमी |
| 18 नवंबर | अक्षय आंवला नवमी |
| 20 नवंबर | देव प्रबोधिनी एकादशी, तुलसी विवाह |
| 23 नवंबर | वैकुंठ चतुर्दशी |
| 24 नवंबर | चातुर्मास समाप्त |