कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री और कद्दावर नेता अरूप बिस्वास पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। साल्टलेक के युवा भारती क्रीड़ांगन (Yuba Bharati Krirangan) में दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुए भारी हंगामे और अव्यवस्था के मामले में अरूप बिस्वास ने बारसात अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका दायर की है। सूत्रों के मुताबिक, बिस्वास को डर है कि बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर सकती है।
टिकटों की कालाबाजारी और जबरन वसूली का आरोप, दर्ज हुई FIR
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 'मेसी गोट टूर' (Messi GOAT Tour) के मुख्य आयोजकों में से एक, शतद्रु दत्त ने बिधाननगर दक्षिण थाने में अरूप बिस्वास और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। शतद्रु दत्त ने पूर्व खेल मंत्री पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 308(2), 318(4), 351(2) और 61(2) के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में टिकटों की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी, धोखाधड़ी, जबरन वसूली (उगाही) और आपराधिक धमकी देना शामिल है। शिकायतकर्ता का दावा है कि पूर्व मंत्री ने मेसी इवेंट के लगभग 22,000 टिकटों की अवैध रूप से कालाबाजारी की थी।
"बिना अनुमति मेसी को छुआ, सुरक्षा में की गई लापरवाही"
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद आयोजक शतद्रु दत्त ने खुलकर इस पूरे विवाद पर बात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरूप बिस्वास ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए बिना किसी अनुमति के मैदान में प्रवेश किया और लियोनेल मेसी को घेर लिया। उन्होंने जबरन मेसी के करीब जाकर उन्हें छुआ भी था।इतना ही नहीं, शतद्रु ने जुई बिस्वास के खिलाफ भी कई शिकायतें की हैं और दावा किया है कि पूर्व सरकार के दौरान मेसी के इस हाई-प्रोफाइल इवेंट की सुरक्षा में जानबूझकर लापरवाही बरती गई थी।
बदली सरकार, नए खेल मंत्री निश्चित प्रमाणिक ने दिए जांच के आदेश
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही निश्चित प्रमाणिक ने 'मेसी कांड' की फाइल दोबारा खोलने और कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच ही आयोजक शतद्रु दत्त ने सोशल मीडिया पर एफआईआर की कॉपी पोस्ट करते हुए 'सत्यमेव जयते' लिखा। इसके साथ ही उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, खेल मंत्री निश्चित प्रमाणिक और राज्य पुलिस के डीजीपी (DGP) का आभार व्यक्त किया है।
फिलहाल, बिधाननगर दक्षिण थाने की पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर जांच तेज कर दी है और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास को पूछताछ के लिए कभी भी तलब किया जा सकता है। इसी कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व मंत्री ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।