नई दिल्ली - भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने साल 2016 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी के दम पर उन्होंने जल्दी ही टीम में खास पहचान बना ली थी। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2017 में डेब्यू किया और अपना आखिरी टेस्ट 2018 में खेला। इसके बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं। अपने छोटे लेकिन प्रभावी टेस्ट करियर में उन्होंने 11 मैच खेले, 532 रन बनाए, जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल रहे।
वनडे टीम से भी बाहर, लगातार गिरा ग्राफ
वनडे फॉर्मेट में हार्दिक पांड्या ने आखिरी मैच मार्च 2025 में खेला था, जो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल था। इसके बाद से उन्हें वनडे टीम में जगह नहीं मिली है।हाल के चयन में भी उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से बाहर रखा गया, जिससे उनकी वापसी को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।
फिटनेस बनी सबसे बड़ी चुनौती
चयन से बाहर होने की सबसे बड़ी वजह उनकी फिटनेस मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें पुरानी चोट की समस्या ने फिर से परेशान किया है। हालांकि उन्होंने हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में फिटनेस टेस्ट पास किया था, लेकिन इसके तुरंत बाद चोट दोबारा उभरने की खबर सामने आई। इस पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया है।
टी20 टीम से भी बाहर
टी20 फॉर्मेट में भी हार्दिक की स्थिति कमजोर नजर आ रही है। उन्होंने आखिरी बार मार्च 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए टी20 मैच खेला था। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड जैसी सीरीज के लिए भी टीम में शामिल नहीं किया गया। टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन हमेशा अहम रहा है, लेकिन लगातार गैरमौजूदगी ने उनकी स्थिति को अनिश्चित बना दिया है।
वापसी को लेकर सवाल बरकरार
हार्दिक पांड्या फिलहाल किसी भी फॉर्मेट की भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं- न टेस्ट, न वनडे और न ही टी20। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी टीम इंडिया में वापसी कब और कैसे होगी। फिलहाल यह पूरी तरह उनकी फिटनेस और चयनकर्ताओं की योजना पर निर्भर करता है कि वे कब फिर से नीली जर्सी में मैदान पर नजर आएंगे।