कोलकाता: साल्टलेक के युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) के सामने लगी एक विशाल फुटबॉल मूर्ति को हटाए जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि कोलकाता में एक और बड़े स्टैच्यू को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। कोलकाता के वीआईपी रोड स्थित लेकटाउन इलाके में लगी अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी की 70 फीट ऊंची विशालकाय मूर्ति को सुरक्षा कारणों से ढहाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लेकटाउन थाने को जरूरी निर्देश भेज दिए गए हैं और सब कुछ ठीक रहा तो सोमवार (25 मई) की रात से ही इस विवादित मूर्ति को तोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिखती थी ऋतिक रोशन जैसी, अब सुरक्षा पर उठे सवाल
इस 70 फीट ऊंची मूर्ति का निर्माण लेकटाउन के प्रसिद्ध श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब द्वारा करवाया गया था, जिसका नाम राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बसु से ओतप्रोत रूप से जुड़ा हुआ है। पिछले साल 13 दिसंबर को जब मेसी कोलकाता के एक वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए थे, तब उन्होंने खुद इस मूर्ति का उद्घाटन किया था।
शुरुआत में तो इसे लेकर फुटबॉल प्रेमियों में भारी उत्साह था, लेकिन जल्द ही यह विवादों में घिर गई। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा का विषय बन गई क्योंकि इस मूर्ति का चेहरा लियोनेल मेसी से कम और बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) से ज्यादा मिलता-जुलता था।
स्थानीय लोगों की शिकायत- 'हवा चलते ही डोलते हैं मेसी'
अब इस मूर्ति को लेकर सिर्फ लुक का ही विवाद नहीं है, बल्कि सुरक्षा को लेकर एक गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने लेकटाउन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि यह 70 फीट ऊंची भारी-भरकम मूर्ति सीधे खड़ी नहीं है। जब भी इलाके में तेज हवा चलती है, तो यह ढांचा हवा में डोलने (हिलने) लगता है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि मूर्ति के निचले हिस्से की मिट्टी ढीली हो चुकी है। चूंकि यह मूर्ति मुख्य वीआईपी रोड के बिल्कुल किनारे स्थित है, इसलिए इसके गिरने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है और कई लोगों की जान जा सकती है।
बिना PWD की NOC के ही खड़ी कर दी 70 फीट ऊंची मूर्ति
इस मामले में प्रशासन की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। शिकायतों के मुताबिक, सड़क के किनारे इतनी बड़ी और ऊंची मूर्ति खड़ी करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) से कोई जरूरी अनुमति या 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) नहीं लिया गया था। नियमों को ताक पर रखकर किए गए इस निर्माण के कारण अब कानूनी पेंच भी फंस गया है।
सोमवार रात को ही चलेगा पीला पंजा (बुलडोजर)
विवाद और खतरे को बढ़ता देख प्रशासन अब कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। पुलिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) और बिधाननगर नगर निगम के आला अधिकारी सोमवार शाम को ही इलाके का अंतिम निरीक्षण (विजिट) करेंगे। अधिकारियों से हरी झंडी मिलते ही सोमवार देर रात मूर्ति को क्रेन और बुलडोजर की मदद से हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जो मूर्ति कुछ महीने पहले तक कोलकाता के खेल प्रेमियों के लिए गर्व का प्रतीक थी, वह आज प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा के उल्लंघन के चलते जमींदोज होने जा रही है।