नई दिल्ली. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में तेज धूल भरी आंधियां चल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी और शुष्क क्षेत्रों से उठने वाली धूल राजधानी की ओर बढ़ रही है, जिससे दृश्यता प्रभावित होने और दैनिक गतिविधियों में बाधा आने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवाओं की रफ्तार
मौसम विभाग के नाउकास्ट पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी के विभिन्न हिस्सों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन हवाओं के साथ धूल का घना गुबार भी उठ सकता है, जिससे सड़क यातायात, दोपहिया वाहन चालकों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तेज झोंकों के कारण कमजोर संरचनाओं, अस्थायी होर्डिंग्स और पेड़ों की शाखाओं को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
तापमान में मामूली राहत, लेकिन गर्मी अभी भी बरकरार
हालांकि कुछ इलाकों में आंधी के कारण तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी का दौर अभी समाप्त नहीं हुआ है। राजधानी में अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। कई क्षेत्रों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे दिन के समय लू जैसे हालात बने हुए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
हीटवेव का खतरा अगले तीन दिनों तक कायम
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि धूल भरी आंधियां अस्थायी राहत जरूर दे सकती हैं, लेकिन अगले तीन दिनों तक हीटवेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना रह सकता है। उच्च तापमान और नमी के मिश्रण से लोगों को उमस और गर्मी दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का कहना है कि धूल भरी आंधियां और अत्यधिक गर्मी का संयुक्त प्रभाव स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकता है। अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों को विशेष रूप से सुरक्षित वातावरण में रहने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीना, सिर को ढककर बाहर निकलना और धूल से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करना लाभदायक हो सकता है।
प्रशासन और नागरिकों के लिए सतर्क रहने का समय
राजधानी में मौसम की दोहरी चुनौती—भीषण गर्मी और रेतीले तूफान—को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में अचानक बदलाव के दौरान लोगों को खुले स्थानों, निर्माण स्थलों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी कम दृश्यता और तेज हवाओं के मद्देनजर सावधानीपूर्वक यात्रा करने की सलाह दी गई है।
राहत की उम्मीद कब?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी का प्रभाव बना रहेगा, हालांकि स्थानीय स्तर पर आंधी और हल्की गतिविधियां तापमान में अस्थायी कमी ला सकती हैं। व्यापक राहत के लिए लोगों की निगाहें आगामी मानसूनी गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। तब तक दिल्ली-एनसीआर को तेज गर्मी, धूल भरी हवाओं और बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।