लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने के हादसे को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर भारतीय जनता पार्टी सरकार को घेरते हुए भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं और जो पुल हवा से टूट रहे हैं, उन पर ट्रैफिक चलने की कल्पना भी डर पैदा करती है।
हमीरपुर हादसे पर अखिलेश यादव का तीखा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए हादसे को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल गिरने से 6 मजदूरों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। अखिलेश ने राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय में हो रहे निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसकी वजह से पुल, टंकियां और सरकारी भवन लगातार गिर रहे हैं।
'भाजपा राज में हर निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट'
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में हर काम में 50 प्रतिशत से ज्यादा कमीशनखोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कभी पुल गिर रहा है, कभी पानी की टंकी और कभी स्टेशन की दीवारें टूट रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर निर्माणाधीन पुल हवा और आंधी नहीं झेल पा रहे हैं तो उन पर भारी ट्रैफिक चलने पर क्या होगा, यह सोचकर ही डर लगता है। सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करें।
सपा प्रवक्ताओं ने भी सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज काका ने भी इस हादसे को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में पुल सिर्फ तेज हवा के दबाव से गिर गया, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में विकास योजनाएं भ्रष्टाचार की वजह से प्रभावित हो रही हैं। साथ ही उन्होंने पेपर लीक समेत कई मुद्दों को लेकर भी सरकार को निशाने पर लिया।
आंधी-तूफान में गिरा था निर्माणाधीन पुल
हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का बड़ा हिस्सा शुक्रवार देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान गिर गया था। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि SDRF ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय पुल पर और नीचे मजदूर काम कर रहे थे। मौसम विभाग ने उस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की पुष्टि की थी।
सरकार ने दिए जांच और मुआवजे के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। यह पुल लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा था और दिसंबर 2026 तक इसे पूरा किया जाना था।