हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल हादसे के बाद योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठाया है। बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब गिरने से 6 मजदूरों की मौत के बाद सरकार ने मामले की प्रारंभिक जांच कर सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं डीपीएम दिलीप कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि हादसे में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रारंभिक जांच के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन
पुल हादसे के बाद सरकार ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू कर दी। शुरुआती रिपोर्ट में लापरवाही के संकेत मिलने पर सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को सस्पेंड कर दिया गया। इसके साथ ही डीपीएम दिलीप कुमार की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सरकार ने तकनीकी टीमों से निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि निर्माण के दौरान तय मानकों का पालन हुआ था या नहीं। सरकार का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।
तेज आंधी के दौरान गिरा था स्लैब
यह हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे लालपुरा थाना क्षेत्र के परसानी और कंदौर गांवों के बीच हुआ। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब तेज आंधी के दौरान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त कई मजदूर पुल के ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए। पुलिस और SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया।
हादसे में 6 मजदूरों की मौत, 3 घायल
पुलिस के मुताबिक हादसे में लोकेन्द्र, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र चौहान और राजेश पाल की मौत हो गई। वहीं अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सरकार बोली- दोषियों को नहीं मिलेगा संरक्षण
प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीति स्पष्ट है कि किसी भी दुर्घटना की गंभीरता से जांच होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा कि चाहे अधिकारी हो, कर्मचारी हो या ठेकेदार, किसी को भी संरक्षण नहीं दिया जाएगा।