चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी का पानी 126.500 मीटर के डेंजर लेवल को पार कर चुका है जिससे प्रशासन की चिंता काफी बढ़ गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने देर रात रामघाट का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीमों को आवश्यक निर्देश दिए और सतर्कता बरतने को कहा। नदी किनारे के इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
मठ-मंदिरों तक पहुंचा नदी का पानी
मंदाकिनी का बढ़ता जलस्तर अब रामघाट के आसपास स्थित कई मठों और मंदिरों तक पहुंच चुका है। पानी की इस रफ्तार ने स्थानीय लोगों और दुकानदारों में चिंता बढ़ा दी है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों पर प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों में पुलिस और प्रशासनिक अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना भी बनाई जा रही है।
अयोध्या में फसलों पर तूफान की मार
रामनगरी अयोध्या में अर्नब तूफान का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों से जिले में लगातार तेज हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी तैयार फसलों पर पड़ा है। कई क्षेत्रों में धान की फसल गिर गई है जबकि गन्ने की तैयार फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कटाई से ठीक पहले फसलों के नुकसान से किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि मौसम इसी तरह बना रहा तो उत्पादन पर भी भारी असर पड़ सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया है।
श्रावस्ती में राप्ती नदी उफान पर
श्रावस्ती में पिछले 48 घंटों से लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पानी भर गया है और कई सड़कें जलमग्न हो गई हैं। नेपाल की पहाड़ियों में हुई भारी बारिश का सीधा असर राप्ती नदी पर दिखाई दे रहा है। नदी फिलहाल खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी का बढ़ता जलस्तर तटीय क्षेत्रों में कटान और बाढ़ का खतरा बढ़ा रहा है। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। धान की लहलहाती फसलें भी बारिश और तूफान की दोहरी मार झेल रही हैं।
बस्ती और कानपुर में भी दिख रहा असर
बस्ती जिले में तूफान की वजह से एक मकान पर पेड़ गिर गया जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। कानपुर के इटर्रा गांव में बंबा की पटरी कटने से पूरा गांव जलमग्न हो गया है। गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों जिलों में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक बाहर न निकलें और सतर्क रहें।
प्रशासन ने जारी किए अलर्ट और स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं। चित्रकूट, अयोध्या, श्रावस्ती समेत प्रभावित जिलों में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें हाई अलर्ट पर हैं। जिला प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर भी स्थापित किए जा सकते हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।