मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 10 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई जिनमें राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और साहसिक पर्यटन को सुरक्षित बनाने से जुड़े फैसले शामिल हैं।
PMU के गठन को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट PMU के गठन को मंजूरी दी है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने आवश्यक मार्गदर्शन देने और रोजगार प्रक्रिया को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया। राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और पुनर्गठन के लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम और नई मान्यता नियमावली लागू करने का फैसला किया गया है। इसके तहत अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया है।
मदरसा शिक्षा बोर्ड निरस्त
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पूर्व में संचालित मदरसा शिक्षा बोर्ड और उससे जुड़े पुराने अधिनियम निरस्त हो गए हैं। अब मदरसा बोर्ड अस्तित्व में नहीं रहेगा। इसी के साथ बोर्ड के तहत संचालित मदरसों को मिलने वाले सरकारी अनुदान और बजट मद भी अप्रासंगिक हो गए हैं। इसके चलते राज्य के 456 अरबीया मदरसों को अब सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।
कैबिनेट ने राज्य में साहसिक पर्यटन को और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है। नए नियमों के तहत रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता
सरकार का कहना है कि कैबिनेट के ये फैसले राज्य के युवाओं शिक्षा व्यवस्था पर्यटन क्षेत्र और प्रशासनिक सुधारों को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और उत्तराखंड को सुरक्षित एवं व्यवस्थित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करना है।