अयोध्या के भव्य राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के जन्मोत्सव पर विधिविधानपूर्वक वैदिक मंत्रों के साथ विशेष अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। सुबह 9:00 बजे से पुजारियों का एक प्रतिष्ठित दल षोडशोपचार पूजन के साथ इस दिव्य अभिषेक की प्रक्रिया संपन्न करेगा। भगवान रामलला का दूध, दही, पंचामृत, सुगंधित द्रव्य और पवित्र सरयू जल (गंधोदक) से अभिषेक किया जाएगा।
4 मिनट का दिव्य सूर्य तिलक
रामनवमी के दिन दोपहर 12:00 बजे एक अद्भुत खगोलीय और वैज्ञानिक घटना के रूप में रामलला का 'सूर्य तिलक' संपन्न होगा। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, 27 मार्च को दोपहर 12:00 बजे सूर्य की किरणें सीधे प्रभु के ललाट को सुशोभित करेंगी। यह दिव्य दृश्य पूरे 4 मिनट तक बना रहेगा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से लाइव प्रसारण भी किया जाएगा। इस विशेष प्रयोग के लिए रुड़की के इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिक्स के वैज्ञानिकों ने आकाशीय गतिविधियों का गहन अध्ययन किया है।
सूर्य की किरणें भगवान के मस्तक पर
सूर्य की किरणें गर्भगृह तक पहुँचाने के लिए बेंगलुरु की संस्था 'ऑप्टिका' ने विशेष और जटिल यंत्र तैयार किया है। वैज्ञानिकों ने पृथ्वी और सूर्य की बदलती अवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रणाली को 19 वर्षों के खगोलीय चक्र के आधार पर सेट किया है। विभिन्न दर्पण और लेंसों के माध्यम से सूर्य की किरणें समय पर भगवान के मस्तक तक पहुँचेंगी।