केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइड ड्यूटी उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया है और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया है। पेट्रोल-डीजल पर सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपये घटाई गई है। इस फैसले को जहां बीजेपी केंद्र सरकार की सराहना कर रही है तो वहीं कांग्रेस सवाल उठा रही है।
हमारी सरकार जन-जन के प्रति कितनी संवेदनशील है
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने फ्यूल एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर कहा कि, संपूर्ण विश्व में अत्यंत चिंताजनक स्थिति बनी हुई है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने अत्यंत सतर्कता,सजगता, संवेदनशीलता के साथ यह निर्णय लिया है कि आम जन के लोगों पर इसका भार न पड़े इसलिए दो महत्वपूर्ण निर्णय लिया है पेट्रोलियम उत्पाद होने वाले निर्यात पर अधिक कर लगाया है और एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ज़ीरो कर दिया है। ये निर्णय दर्शाता है कि हमारी सरकार जन-जन के प्रति कितनी संवेदनशील है।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती से लोगों के फ्यूल कीमत में कमी नहीं होगी
वहीं कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने फ्यूल एक्साइज ड्यूटी में कटौती पर कहा कि, ये जो एक्साइज ड्यूटी में कटौती हुई है इससे लोगों के फ्यूल कीमत में कमी नहीं होगी। लोगों का पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं होगा। ये सरकार ने ग्राहक को लाभ देने के लिए नहीं बल्कि तेल विपणन कंपनी को सहारा देने के लिए किया है। पिछले 12 साल में पीएम ने 14 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है और उससे 49 लाख करोड़ रुपए अपने राजस्व में कमाए हैं जब तेल सस्ता भी हुआ तभी उसका लाभ लोगों को नहीं मिला। सवाल है ये क्या ये जो 5 राज्यों में चुनाव है ये न होती तो क्या ये सरकार लोगों को सुरक्षित करती? और जब चुनाव में वोट डल जाएंगे तो क्या सरकार दाम बढ़ाएगी इस पर हम नजर रखेंगे और हम इसका विरोध करेंगे।