उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र हर्षिल में शराब का ठेका खोलने की खबर सामने आते ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र पवित्र गंगोत्री धाम के बेहद नजदीक स्थित है जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आस्था और श्रद्धा के साथ दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में यहां शराब के ठेके का टेंडर कराने का सरकार का फैसला जनहित और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है।
श्रद्धालुओं की आस्था को आघात
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस निर्णय से गंगोत्री धाम की गरिमा को ठेस पहुंचेगी और श्रद्धालुओं की आस्था को आघात लगेगा। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक वातावरण के लिए हानिकारक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपत्ति स्पष्ट रूप से दर्ज कराई। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि हर्षिल क्षेत्र में शराब का ठेका किसी भी स्थिति में न खोला जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती और यहां शराब का ठेका खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगोत्री धाम जैसे पवित्र स्थान के निकट इस प्रकार के ठेके का संचालन न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करेगा बल्कि क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
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