वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 और 28 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर आने वाले हैं। यह उनका 52वां दौरा होगा, जिसमें काशी को लगभग 7,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां चरम पर हैं और हर स्तर पर योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सिग्नेचर ब्रिज बना मुख्य आकर्षण
इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा प्रस्तावित ‘सिग्नेचर ब्रिज’ को लेकर है, जिसे विकास परियोजनाओं की सूची में सबसे ऊपर रखा गया है। यह पुल न केवल काशी के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण बन सकता है। हालांकि इस परियोजना को लेकर अंतिम मंजूरी अभी केंद्र सरकार से मिलनी बाकी है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसकी तैयारी में पूरी तरह जुटा हुआ है।
डबल डेकर ब्रिज की अनूठी विशेषताए
गंगा नदी पर प्रस्तावित यह पुल देश का पहला ऐसा डबल डेकर पुल होगा, जिसमें एक ही संरचना पर दो स्तरों पर आवागमन की सुविधा होगी। योजना के अनुसार, पुल की निचली मंजिल पर चार रेलवे पटरियां बिछाई जाएंगी, जबकि ऊपरी हिस्से में छह लेन की चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। लगभग 1 किलोमीटर से अधिक लंबा यह पुल वाराणसी को सीधे मुगलसराय से जोड़ेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
मुख्यमंत्री का दौरा और निरीक्षण
इस महत्वपूर्ण परियोजना और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं वाराणसी पहुंच रहे हैं। वह विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम की तैयारियों तक हर पहलू का गहन निरीक्षण करेंगे। यह दौरा प्रशासन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मंजूरी का इंतजार, लेकिन उम्मीदें प्रबल
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना फिलहाल प्रस्तावित सूची में है और इसकी मंजूरी के लिए केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, संकेत मिल रहे हैं कि इसकी स्वीकृति की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
निर्माण समय सीमा और लक्ष्य
रेलवे के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अनुमान है कि यदि कार्य समय पर शुरू होता है, तो वर्ष 2029 तक यह पुल बनकर तैयार हो सकता है। इसके बाद काशी में यातायात और कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित होंगे।
काशी के विकास को मिलेगी नई दिशा
इस सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण से न केवल यातायात की समस्या कम होगी, बल्कि आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने के साथ-साथ यह परियोजना शहर को आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का काम करेगी।