कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का मामला अब संसद तक पहुंचने वाला है। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी इस घटना को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से औपचारिक शिकायत करेंगे। इसके साथ ही वह अदालत का भी रुख कर सकते हैं और पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष को सौंपेंगे पूरी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी अपने ऊपर हुए हमले की विस्तृत जानकारी लोकसभा अध्यक्ष को देंगे। उनका कहना है कि एक जनप्रतिनिधि पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। टीएमसी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की तैयारी में है और संसद के भीतर भी इसे प्रमुखता से रख सकती है।
अदालत जाने की भी तैयारी
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी इस मामले में न्यायालय में भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं। उनका आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे राजनीतिक कारण हैं। पार्टी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ने की बात कह रही है।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
सोनारपुर में हिंसा प्रभावित टीएमसी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक हिंसा का शिकार हुए हैं और इस घटना के पीछे भाजपा समर्थित तत्वों की भूमिका है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
विपक्षी नेताओं ने की निंदा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं ने इस घटना की निंदा की है। विपक्षी दलों का आरोप है कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
बीजेपी नेताओं का पलटवार
वहीं भाजपा नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह जनता का गुस्सा है, जो अब सामने आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि हालिया चुनावी नतीजों से साफ है कि जनता टीएमसी से नाराज है।
अग्निमित्रा पॉल ने भी साधा निशाना
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब जवाब दे रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद टीएमसी नेताओं को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं किया।