कोलकाता: तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। न्यू टाउन के इको पार्क में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता और मंत्री दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
अभिषेक को अस्पताल में भर्ती कराने का दबाव बना रहीं ममता
दिलीप घोष ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ममता बनर्जी लगातार दबाव बना रही हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
तृणमूल नेता घर से बाहर न निकलें
दिलीप घोष ने तृणमूल नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता गुस्से में है और उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इतनी पुलिस नहीं है कि सभी नेताओं को सुरक्षा दे सके।
नड्डा पर हमला जनाक्रोश था तो यह भी जनाक्रोश
भाजपा नेता ने जे. पी. नड्डा के काफिले पर हुए पुराने हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह खुद गाड़ी में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि यदि उस घटना को जनाक्रोश कहा गया था तो मौजूदा घटना को भी उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।
बंगाल बदल चुका है, अब ठेला संभालिए
दिलीप घोष ने कहा कि नाटक, ड्रामा और राजनीतिक गिमिक का दौर खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक बंगाल की जनता अब सब समझ चुकी है और हालात पहले जैसे नहीं रहे।
मेसी कांड को बताया अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार
उन्होंने मेसी कांड को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार बताते हुए कहा कि मामले की जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने तृणमूल नेता अरूप विश्वास पर भी तंज कसा।
अपराधियों को मिलती थी पुलिस सुरक्षा
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन में बड़े-बड़े अपराधियों को पुलिस सुरक्षा दी जाती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अपराधियों को सरकारी सुरक्षा क्यों दी जानी चाहिए।
थ्रेट कल्चर अब नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब भी धमकी की राजनीति चलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन समय बदल चुका है और जनता अब इसे स्वीकार नहीं करेगी।
अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशाना
अपने बयान के अंत में दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि वह आम लोगों से नहीं बल्कि गुंडों और वसूली करने वालों से ही मिलते हैं।
राजनीतिक तापमान और बढ़ा
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले के बाद राज्य की सियासत और गरमा गई है। एक तरफ तृणमूल कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, वहीं भाजपा इसे जनता के आक्रोश से जोड़कर देख रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।