कोलकाता: हस्ताक्षर जालसाजी मामले मे तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी गुरुवार को लंबे इंतजार और कोर्ट की फटकार के बाद सीआईडी के समक्ष पेश हुए। सीआईडी अधिकारियो ने उनसे लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की, लेकिन जांच टीम उनके जवाबो से संतुष्ट नहीं दिखी। सूत्रों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण सवालो के जवाब अधूरे और असंतोषजनक पाए गए, जिसके बाद उन्हें 14 जून को दोपहर 12 बजे फिर से तलब किया गया है।
कई सवालो के जवाब देने से बचते रहे अभिषेक
जांच अधिकारियो के अनुसार पूछताछ के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कई अहम सवालो पर “मुझे नही पता”, “मैं नही कह सकता” जैसे जवाब दिए। खासकर उस प्रस्ताव की प्रति को लेकर पूछे गए सवालो पर वे स्पष्ट जानकारी नही दे पाए, जिसके कारण यह पूरा विवाद सामने आया है। सीआईडी का कहना है कि जवाबों में कई विसंगतियां पाई गई हैं।
तीन बार समन के बाद पेश हुए थे अभिषेक
सूत्रो के मुताबिक सीआईडी ने पहले भी उन्हें तीन बार समन भेजा था, लेकिन वे पेश नहीं हुए थे। मामला बाद मे कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा। कोर्ट से राहत मिलने के बाद वे जांच में शामिल हुए। हालांकि पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियां उनके सहयोग से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखी।
पूछताछ के दौरान असंतोष और तनाव के संकेत
सीआईडी सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई बार अभिषेक बनर्जी असहज और नाराज भी नजर आए। एक चाय ब्रेक के साथ चली इस लंबी पूछताछ में उनसे बार-बार एक ही विषय पर सवाल पूछे गए, लेकिन जवाब स्पष्ट नहीं मिले।
भवानी भवन से कालीघाट और फिर ममता बनर्जी के आवास पहुंचे
पूछताछ समाप्त होने के बाद अभिषेक भवानी भवन से सीधे रवाना हुए और रात मे पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे। वहां देर रात एक बैठक हुई जिसमें तृणमूल नेता मदन मित्रा और कुणाल घोष भी मौजूद थे। बैठक के बाद सभी नेता देर रात अलग-अलग बाहर निकले, लेकिन मीडिया के सवालो का कोई सीधा जवाब नहीं दिया गया।
जांच जारी, अगली तारीख अहम
सीआईडी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और 14 जून की अगली पूछताछ मामले की दिशा तय कर सकती है। फिलहाल एजेंसी सभी जवाबो और दस्तावेजो की दोबारा समीक्षा कर रही है।