कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास ‘शांतिनिकेतन’ को लेकर मंगलवार को अचानक राजनीतिक हलचल तेज हो गई। नगर निगम की ओर से पहले ही बुलडोजर नोटिस जारी होने के बीच उनके घर के सामने बुलडोजर पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में सामने आया कि बुलडोजर किसी अन्य सरकारी काम के लिए लाया गया था और घर तोड़ने जैसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नगर निगम के नोटिस से बढ़ा विवाद
दक्षिण कोलकाता के हरिश मुखर्जी रोड स्थित अभिषेक बनर्जी के बहुमंजिला आवास ‘शांतिनिकेतन’ को लेकर नगर निगम ने कथित तौर पर नोटिस जारी किया है। निगम सूत्रों के अनुसार, भवन निर्माण में मूल नक्शे से बाहर जाकर कुछ हिस्से बनाए गए हैं, जिन्हें ‘प्लान-बाह्य’ या अवैध निर्माण माना जा रहा है। नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय के भीतर यदि अवैध हिस्से को खुद नहीं हटाया गया, तो नगर निगम बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगा।
घर के सामने बुलडोजर पहुंचते ही मचा हड़कंप
मंगलवार को अचानक अभिषेक बनर्जी के घर के सामने बुलडोजर पहुंचने से इलाके में तनाव का माहौल बन गया। राहगीरों से लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं तक के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या नगर निगम अब उनके घर पर कार्रवाई करने जा रहा है। हालांकि, बाद में स्थानीय प्रशासन और नगर निगम सूत्रों ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर अभिषेक के घर को तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि इलाके में चल रहे नियमित विकास कार्य के लिए लाया गया था।
फुटपाथ मरम्मत और ट्रैफिक सुधार का था काम
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, हरिश मुखर्जी रोड को जाम-मुक्त बनाने और सड़क सुधार के तहत फुटपाथ के पुराने पेवर ब्लॉक बदले जा रहे हैं। सड़क किनारे पुराने ईंट और कंक्रीट हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे में घर तोड़े जाने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। नोटिस पर अभिषेक का तीखा हमला अपने घर को लेकर नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से इस तरह की कार्रवाई करवा रही है। उनका कहना है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए “गंदी राजनीति” की जा रही है।
सोमवार को पुलिस पहुंचने से भी बढ़ा था रहस्य
इस पूरे घटनाक्रम से पहले सोमवार को भी अभिषेक बनर्जी के घर पर पुलिस अधिकारियों की एक टीम पहुंची थी। जानकारी के मुताबिक, टीम में कुछ अधिकारी सादे कपड़ों में थे, जबकि कुछ को कोलकाता पुलिस की सफेद वर्दी में देखा गया। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम घर से एक बड़ा एलईडी मॉनिटर लेकर बाहर निकली थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं।
पहले भी हटाए गए थे सरकारी स्कैनर
गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस प्रशासन की टीम अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी, जहां से कुछ स्कैनर मशीनें हटाई गई थीं। बाद में जानकारी मिली कि वे सरकारी संपत्ति थीं और सुरक्षा कारणों से पहले वहां लगाई गई थीं, जिन्हें नियम के तहत वापस लिया गया। लगातार दो दिनों तक पुलिस की गतिविधियां और उसके बाद घर के सामने बुलडोजर की मौजूदगी ने हरिश मुखर्जी रोड के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई और अभिषेक बनर्जी के आरोपों को लेकर सियासी बहस जारी है।