कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर बीजेपी की रिकॉर्ड जीत के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि फाल्टा उपचुनाव में कई बड़ी विसंगतियां देखने को मिलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के 1000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को इलाके से भगा दिया गया, लेकिन चुनाव आयोग पूरी तरह निष्क्रिय बना रहा और किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।
पोलिंग एजेंटों को भगाने का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी को छोड़कर बाकी सभी दलों के पोलिंग एजेंटों को बूथों से बाहर निकाल दिया गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान दिनदहाड़े पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए और आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन किया गया।
मतगणना की रफ्तार पर भी जताई आपत्ति
अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि पहले चुनाव में दोपहर 3 बजे तक सिर्फ 2 से 4 राउंड की गिनती हुई थी, जबकि इस बार उसी समय तक 21 राउंड की काउंटिंग पूरी कर ली गई, जो कई सवाल खड़े करती है।
फाल्टा सीट पहले भी रही विवादों में
फाल्टा विधानसभा सीट पर पहले चरण के मतदान के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और चुनाव चिह्न ढकने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था।
BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की रिकॉर्ड जीत
फाल्टा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने माकपा उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के बड़े अंतर से हराया। कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे।
शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 15 साल बाद लोगों को खुलकर वोट डालने की आजादी मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर जनता के पैसे की लूट की और अब जनता ने चुनाव में उसका जवाब दे दिया है।