मुर्शिदाबाद - पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी के सबसे सीनियर और बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की घटना को लेकर चिंता जताई है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और उसके नेताओं को अपनी बात रखने, जनता से मिलने, विरोध दर्ज करने और राजनीतिक गतिविधियां चलाने का पूरा अधिकार है।
ऐसी घटना होना हैरान करने वाला है
अधीर रंजन चौधरी ने पत्रकारों से आगे कहा कि, जिस सांसद की चर्चा हो रही है, उनके साथ उनके ही संसदीय क्षेत्र में ऐसी घटना होना हैरान करने वाला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र से कोई नेता लाखों वोटों से चुनाव जीतता है, वहां संकट की घड़ी में उसकी सुरक्षा के लिए एक भी कार्यकर्ता का न पहुंचना कई सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस नेता ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए
कांग्रेस नेता ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब कोई सांसद या जनप्रतिनिधि पूर्व सूचना देकर किसी क्षेत्र का दौरा करता है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। उनके अनुसार, घटना के दौरान वहां पर्याप्त पुलिस बल या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दशकों से चली आ रही राजनीतिक हिंसा की संस्कृति पर रोक लगनी चाहिए।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा का कोई स्थान नहीं
इसके साथ ही उन्होंने इसे राज्य के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए और सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण राजनीतिक माहौल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने जोर देकर कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी नेता या कार्यकर्ता पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। बंगाल में स्वस्थ राजनीतिक परंपरा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।