फरक्का: मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का ब्लॉक के काशीनगर इलाके में एक आंगनवाड़ी केंद्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्ष 2013-14 में बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं के लिए बनाए गए केंद्र पर एक परिवार ने कब्जा कर लिया था। ग्रामीणों का दावा है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण वर्षों तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बच्चों की पढ़ाई की जगह बन गया था घर
ग्रामीणों के अनुसार, शुरुआत में अस्थायी रूप से रहने की अनुमति लेने के बाद संबंधित परिवार ने केंद्र को स्थायी आवास में बदल दिया। केंद्र के अंदर घरेलू उपयोग का सामान रखा गया था, जिसके कारण यहां बच्चों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे इलाके के बच्चों को वर्षों तक आंगनवाड़ी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद पंचायत प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस की मौजूदगी में केंद्र को खाली कराया गया और अंदर रखा गया सामान बाहर निकाला गया। प्रशासन का कहना है कि अब भवन को उसके मूल उद्देश्य के लिए उपयोग में लाने की तैयारी की जाएगी।
ग्रामीणों में राहत, पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद
केंद्र खाली होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया जा रहा था। अब उम्मीद है कि बच्चों के लिए आंगनवाड़ी सेवाएं और शैक्षणिक गतिविधियां जल्द शुरू होंगी।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है, जबकि मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई शिकायत और जांच के आधार पर की गई है।