कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार सुबह अचानक अपना फैसला बदलते हुए अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। हालांकि इस मामले की सुनवाई बारासात जिला अदालत में तय थी, लेकिन सुबह ही वकीलों ने अदालत से यह याचिका आगे न बढ़ाने की मांग कर दी। अब अदालती सूत्रों के अनुसार, अरूप बिस्वास इस पूरे मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी में हैं। उनके खिलाफ पिछले वर्ष मई में शिकायत दर्ज की गई थी और नोटिस जारी होने के बावजूद वे अब तक पेश नहीं हुए हैं।
10 दिन का समय मांगा, पुलिस जांच में सहयोग का दावा
17 मई को पुलिस ने ‘मेस्सी इवेंट’ के मुख्य आयोजक शतुद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोपों में टिकटों की कालाबाजारी, अवैध धन शोधन, धमकी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन ने पूर्व मंत्री को तलब किया था, लेकिन उन्होंने बीमारी का हवाला देते हुए 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है। इस बीच जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जांच में जुटी हुई हैं।
अग्रिम जमानत पर संशय, कानूनी रणनीति में बदलाव
अरूप बिस्वास ने पहले बारासात जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई मंगलवार सुबह होनी थी। लेकिन अंतिम समय पर उनके वकीलों ने अदालत से याचिका पर आगे सुनवाई न करने की अपील की। सरकारी वकील दुलाल सरकार ने कहा कि बचाव पक्ष ने संभवतः अग्रिम जमानत मिलने को लेकर संशय के चलते यह कदम उठाया है। अब माना जा रहा है कि वे इस मामले को हाईकोर्ट में ले जाकर नई कानूनी रणनीति अपनाएंगे।