आसनसोल: आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की खुफिया विभाग की टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार रात आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र में पुलिस ने 600 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी झारखंड के धनबाद जिले के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद ब्राउन शुगर की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी मुर्शिदाबाद से ब्राउन शुगर लेकर पश्चिम बर्दवान और धनबाद के अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे।
राय गार्डन के पास लक्जरी कार से पकड़े गए दोनों आरोपी
खुफिया विभाग की टीम को आरोपियों के बारे में पहले से सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने जुबली मोड़ से लालगंज जाने वाले रास्ते पर राय गार्डन के पास निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान एक लक्जरी कार को रोककर उसमें सवार दो लोगों से पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 600 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद आफताब हुसैन उर्फ दानिश और शेख हुसैन उर्फ नेपाली के रूप में हुई है। दोनों धनबाद जिले के चिरकुंडा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
मुर्शिदाबाद से लाकर कई इलाकों में करते थे सप्लाई
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। जांच के अनुसार, आरोपी मुर्शिदाबाद से ब्राउन शुगर लेकर आते थे। इसके बाद इसे कुल्टी, बराकर और सालानपुर सहित पश्चिम बर्दवान के अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता था। धनबाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी इस नशीले पदार्थ की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को ब्राउन शुगर की खेप कौन उपलब्ध कराता था। साथ ही सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज, दोनों को सात दिन की पुलिस रिमांड
डीडी के अवर निरीक्षक रूपम बनर्जी की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आसनसोल नॉर्थ थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज एक्ट के तहत कार्रवाई की है। सोमवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। मामले के जांच अधिकारी डीडी के अवर निरीक्षक देबाशीष पंडित ने आरोपियों की सात दिनों की पुलिस रिमांड की मांग की। अदालत ने पुलिस की मांग स्वीकार करते हुए दोनों को सात दिन की रिमांड पर भेज दिया। अब रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी।
60 लाख की ब्राउन शुगर, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई ब्राउन शुगर की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ की बरामदगी को पुलिस बड़ी कामयाबी मान रही है। रिमांड के दौरान आरोपियों से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं। पुलिस सप्लायर, डीलर और स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थ पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य संभावित सुरागों की जांच से नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचना है।
पश्चिम बर्धमान में ड्राई नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज
पश्चिम बर्धमान में ब्राउन शुगर, गांजा और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस के सामने विशेष रूप से युवाओं और शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे की पहुंच रोकने की चुनौती है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने ड्राई नशे के नेटवर्क के खिलाफ अभियान को तेज किया है। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार की निगरानी में अधिकारियों को इस तरह के मामलों की जांच और कार्रवाई को लेकर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। पिछले दो महीनों में अधिकारियों को तीन बार प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामलों में तेजी आई है।
11 दिन में 1.1 किलो ब्राउन शुगर की जब्ती
पुलिस की हालिया कार्रवाई को पिछले 11 दिनों में हुई दो बड़ी बरामदगियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 19 अगस्त को सालानपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान दो युवकों को पकड़ा गया था। उनके कब्जे से करीब 500 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी मुर्शिदाबाद से ब्राउन शुगर लेकर आ रहे थे। इसके बाद 30 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो अन्य आरोपियों से 600 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई। इस तरह 11 दिनों के भीतर पुलिस ने कुल करीब 1,100 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है।
नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश
लगातार हो रही बरामदगी के बाद पुलिस अब केवल नशे की खेप पकड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर जोर दे रही है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल की कार्रवाइयों से कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस इन सुरागों के आधार पर सप्लाई करने वालों और स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थ बेचने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। सात दिन की रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ इस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस का कहना है कि ड्राई नशे के कारोबार को रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।