कोलकाता: पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को तेजी से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के लिए राज्य को धनराशि आवंटित किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के मंत्री लगातार समन्वय कर रहे हैं और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। बताया गया है कि प्रधानमंत्री की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बंगाल में विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। जो मंत्री बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे वर्चुअल माध्यम से बैठकों में भाग लेकर निर्णय प्रक्रिया में शामिल हुए।
1 करोड़ 46 लाख परिवारों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ
सरकार का दावा है कि राज्य के करीब 1 करोड़ 46 लाख परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। योजना के लागू होने के बाद लाखों परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।स्वास्थ्य क्षेत्र में यह कदम राज्य के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत मिलेगी।
39 हजार करोड़ रुपये की नल से जल परियोजना होगी शुरू
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी नल से जल योजना को भी पश्चिम बंगाल में व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए लगभग 39 हजार करोड़ रुपये की परियोजना शुरू किए जाने की बात कही गई है। इस परियोजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे जल संकट की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।
अन्नपूर्णा योजना के तहत 50 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची राशि
सरकार ने दावा किया है कि अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत 50 लाख महिलाओं के खातों में राशि पहुंच चुकी है। योजना के पहले ही दिन 28 लाख 25 हजार 770 लाभार्थियों को भुगतान किया गया। प्रशासन का कहना है कि लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जा रहा है ताकि वास्तविक पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
जांच में सामने आईं अनियमितताएं, लाखों अपात्र लाभार्थियों की पहचान
सरकार द्वारा किए गए सत्यापन अभियान में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। जांच के दौरान 27 लाख ऐसी महिलाओं की पहचान हुई जो मतदाता सूची में नहीं थीं, लेकिन उन्हें पहले योजनाओं का लाभ मिल रहा था। इसके अलावा 3 लाख पुरुषों के नाम भी ऐसे पाए गए जिन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ मिल रहा था। केवल जंगीपुर ब्लॉक में ही 4,500 पुरुष लाभार्थियों का मामला सामने आने का दावा किया गया है।
पारदर्शिता और डेटा बैंक पर सरकार का जोर
सरकार ने पूर्ववर्ती शासन पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा है कि अब सभी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके लिए एक व्यापक डेटा बैंक तैयार किया गया है, जिससे लाभार्थियों का सत्यापन और निगरानी आसान होगी।सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था का लाभ राज्य को आने वाले 50 वर्षों तक मिलेगा और विकास योजनाओं का फायदा सीधे आम लोगों तक पहुंचेगा।