बांकुड़ा (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक आशा (ASHA) कार्यकर्ता की मौत के बाद अमरकानन ग्रामीण अस्पताल में भारी तनाव का माहौल बन गया। साथी आशा कार्यकर्ताओं ने मौत के लिए काम के बढ़ते दबाव और हाल ही में सामने आए एक वायरल वीडियो को जिम्मेदार बताते हुए अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए शव को भी अस्पताल से ले जाने से रोका गया।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि हाल ही में आयुष्मान भारत योजना के ई-केवाईसी कार्य में आ रही समस्याओं को लेकर शालतोड़ा की भाजपा विधायक चंदना बाउरी ने आशा कार्यकर्ताओं से नाराजगी जताई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा हुई। प्रदर्शन कर रहे आशा कर्मियों का आरोप है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और सार्वजनिक फटकार से उनकी सहयोगी मानसिक रूप से काफी दबाव में थीं। हालांकि, अब तक किसी आधिकारिक जांच में यह पुष्टि नहीं हुई है कि कार्यकर्ता की मौत का कारण यही था। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
अस्पताल में विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने संभाली स्थिति
मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता अमरकानन ग्रामीण अस्पताल पहुंचीं और न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की गई और शव को कुछ समय तक अस्पताल परिसर से नहीं जाने दिया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बांकुड़ा सम्मीलनी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
काम के बहिष्कार की चेतावनी
प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और कार्य परिस्थितियों में सुधार नहीं किया गया तो वे काम का बहिष्कार जारी रखेंगी। उन्होंने कार्यभार कम करने और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की भी मांग की। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी (DM), अनुमंडल अधिकारी (SDO), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMOH) तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
जांच जारी
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।