कोलकाता: टॉलीवुड (बंगाल फिल्म इंडस्ट्री) के फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियन्स के कद्दावर नेता स्वरूप विश्वास (Swarup Biswas) की गिरफ्तारी के बाद स्टुडीओपाड़ा (टॉलीवुड) में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक भूचाल आ गया है। गुरुवार रात पुलिस ने स्वरूप विश्वास को लाखों रुपये की रंगदारी (तोलाबाजी), छेड़छाड़ और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को जब उन्हें अलीपुर अदालत में पेश किया गया, तो इस मामले पर भाजपा नेता और अभिनेत्री लॉकेट चटर्जी (Locket Chatterjee) सहित इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और खुलकर अपनी भड़ास निकाली।
"12 साल पहले ही मैंने खोला था मोर्चा" - लॉकेट चटर्जी
स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि स्वरूप के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप नए नहीं हैं।लॉकेट चटर्जी का बड़ा बयान: "बारह साल पहले मैंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। स्वरूप विश्वास और उनके भाई अरूप विश्वास ने मिलकर पूरी बंगाली फिल्म इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया, इसे खत्म कर दिया। दिन-ब-दिन सीना तानकर भ्रष्टाचार करने का नतीजा तो भुगतना ही पड़ेगा।"
लॉकेट ने आगे आरोप लगाया कि स्वरूप अकेले नहीं थे, उनके पीछे कई प्रभावशाली लोग खड़े थे जो उनके हर गलत फैसले में उनका साथ देते थे। उन्होंने मांग की कि जिन प्रभावशाली लोगों की वजह से कई टेक्नीशियन्स और कलाकारों की रोजी-रोटी छीनी गई, उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए।
क्या हैं आरोप? क्यों भड़का टॉलीवुड?
लंबे समय से टॉलीवुड का एक बड़ा धड़ा, जिसमें कलाकार, निर्देशक और टेक्नीशियन शामिल हैं, स्वरूप विश्वास के खिलाफ आवाज उठा रहा था। आरोप है कि फेडरेशन के शीर्ष पर बैठकर स्वरूप विश्वास ने अपनी शक्ति का घोर दुरुपयोग किया।
बैन कल्चर की शुरुआत: इंडस्ट्री में अपनी मर्जी चलाने और विरोध करने वालों को 'बैन' (प्रतिबंधित) करने का कल्चर स्वरूप विश्वास ने ही शुरू किया था।
रोजी-रोटी छीनना: गुरुवार को फेडरेशन की ही एक मेकअप आर्टिस्ट को काम न देने और उससे रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने स्वरूप को दबोचा।
तानाशाही: टेक्नीशियन्स के एक वर्ग के अनुसार, इंडस्ट्री के हर छोटे-बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में स्वरूप विश्वास की बात ही आखिरी शब्द होती थी।
'धर्म का पहिया घूमता है' - विधायक रुद्रनील घोष का पलटवार
स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी के बाद शिवपुर से भाजपा विधायक और अभिनेता रुद्रनील घोष ने भी अपना पुराना दर्द और गुस्सा साझा किया।रुद्रनील घोष ने कहा, "स्वरूप फेडरेशन के सिर पर बैठकर सालों से भ्रष्टाचार चला रहा था। जब मैंने 2021 में इसके खिलाफ आवाज उठाई, तो मुझे इंडस्ट्री से बैन कर दिया गया था। टेक्नीशियन्स पर दबाव बनाकर मेरे खिलाफ रैलियां निकलवाई गईं। पेट की भूख के कारण कई टेक्नीशियन्स सालों तक इस अत्याचार को चुपचाप सहते रहे। लेकिन कहते हैं ना, धर्म का पहिया घूमता है (धर्मेर कल बाताशे नड़े), मैं इसी दिन का इंतजार कर रहा था।"
जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही टॉलीवुड में फेडरेशन के वर्चस्व को लेकर सवाल उठ रहे थे। स्वरूप विश्वास की गिरफ्तारी के बाद अब कई दबे हुए राज और शिकायतें सामने आने लगी हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में टॉलीवुड सिंडिकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों पर भी शिकंजा कस सकता है।