बीरभूम, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के मोहम्मदबाजार क्षेत्र में एक घर से लगभग 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोने की बड़ी बरामदगी के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस मामले में फरार स्टोन व्यवसायी मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ 'टूलू मंडल' का नाम सामने आने और इसे स्थानीय राजनीति से जोड़े जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुब्रत मंडल ने कड़ा रुख अपनाया है।
"गलत इरादे से घसीटा जा रहा है नाम"
हाल ही में मीडिया से बात करते हुए अनुब्रत मंडल ने साफ तौर पर कहा कि जो लोग उनका नाम इस विवाद में घसीट रहे हैं, वे सरासर गलत कर रहे हैं। उन्होंने कहा:"बीरभूम में जो लोग मेरा नाम टूलू मंडल और इस रिकवरी से जोड़ रहे हैं, वे गलती कर रहे हैं। अगर मेरा नाम बेबुनियाद तरीके से घसीटा गया, तो मैं उनके खिलाफ मानहानि (Defamation) का केस दर्ज कराऊंगा। मैं कानूनी कदम उठाऊंगा और किसी को भी बख्शूंगा नहीं।"
टूलू मंडल से संबंधों पर सफाई
टूलू मंडल के साथ अपने संबंधों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए अनुब्रत मंडल ने कहा कि टूलू मंडल को बीरभूम का लगभग हर व्यक्ति जानता है और उनके सभी से सामान्य संबंध हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनके गैर-कानूनी या व्यावसायिक गतिविधियों में मेरी कोई भूमिका है। उन्होंने पुलिस और सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है और जो भी दोषी होगा, उस पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बीरभूम के मोहम्मदबाजार में हुई एक गुप्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने धातु के बक्सों से करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने की छड़ें बरामद की थीं। यह घर टूलू मंडल के रिश्तेदार का बताया जा रहा है। इस घटना के बाद से ही बीरभूम में अवैध खनन, टोल गेट सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर पुलिस एवं जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।