कोलकाता- पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद राजनीतिक हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को हिरासत में लियाI पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम आने के ठीक दो दिन बाद हुए हाई प्रोफाइल राजनीतिक हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू को शनिवार को हिरासत में ले लिया गया
हत्या मामले में बड़ी सफलता
चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश और सुपारी से जुड़े मामले में जांच एजेंसी को लगातार अहम सुराग मिल रहे थे। इस केस में बलिया जिले से जुड़े कई अपराधियों की भूमिका सामने आने के बाद जांच तेज कर दी गई थी और अब ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है
बताया जा रहा है कि ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने जांच से बचने के लिए एक पुराने मामले में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद वह जेल में सुरक्षित रहकर खुद को जांच से दूर रखने की कोशिश कर रहा था लेकिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की विशेष टीम ने उसकी इस रणनीति को नाकाम कर दिया
वारंट के आधार पर हुई गिरफ्तारी
उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से वारंट प्राप्त करने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम मऊ जिला कारागार पहुंची और वहीं से ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को हिरासत में लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गई
सामाजिक मंच पर वायरल हुआ दावा और संदेश
गिरफ्तारी से ठीक पहले आरोपी की ओर से एक दृश्य और एक संदेश सामने आया था जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। साथ ही उसने कुछ प्रभावशाली लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए थे। वहीं उसकी पत्नी ने भी दावा किया कि उनका पति निर्दोष है और उन्हें जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है
चार अपराधी पहले ही हिरासत में
इस मामले में बलिया जिले से जुड़े कुल चार कुख्यात अपराधी पहले ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की पकड़ में आ चुके हैं। इनमें नवीन कुमार सिंह, गोलू सिंह उर्फ टाइगर और राज कुमार सिंह जैसे नाम शामिल हैं जिन्हें पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है
आरोपियों का आमना सामना कराने की तैयारी
अब जब पूरा सिंडिकेट जांच एजेंसी की हिरासत में है तो सभी आरोपियों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है जिससे हत्याकांड की साजिश की पूरी परतें खुल सकें
चुनाव परिणाम के बाद हुई थी हत्या
यह पूरा मामला 6 मई का है जब पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई थी