कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र और पूर्व भाजपा नेता चंद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी में शामिल होने के महज चार महीने बाद उनके इस फैसले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। इस्तीफे के बाद उन्होंने भाजपा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों की राजनीति में कोई बुनियादी अंतर नहीं है।
मुख्यधारा की राजनीति से मोहभंग
इस्तीफे के बाद चंद्र कुमार बोस ने कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन में फॉरवर्ड ब्लॉक, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस—तीनों दलों के साथ काम कर चुके हैं। उनका दावा है कि अब मुख्यधारा की राजनीति से उनका पूरी तरह विश्वास उठ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश राजनीतिक दल जनहित से जुड़े मुद्दों की बजाय व्यक्तिगत निष्ठा और चाटुकारिता को अधिक महत्व देते हैं। उनके अनुसार, ऐसी राजनीति में सिद्धांतों और मूल्यों के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है।
'भाजपा और TMC में कोई अंतर नहीं'
चंद्र कुमार बोस ने कहा कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही ध्रुवीकरण और टकराव की राजनीति करती हैं। उन्होंने कहा कि जब वे कुछ महीने पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे, तब उन्हें लगा था कि यह एक समावेशी राजनीतिक विकल्प हो सकता है। हालांकि, अब उनके अनुभव के आधार पर उन्हें दोनों दलों की कार्यशैली में कोई बड़ा अंतर दिखाई नहीं देता।
युवाओं के लिए नए मंच का करेंगे मार्गदर्शन
चंद्र कुमार बोस ने घोषणा की कि अब वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस और सरत चंद्र बोस के आदर्शों—समावेशी राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय—से प्रेरित युवाओं के एक नए मंच का मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह मंच वैचारिक मूल्यों पर आधारित होगा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम करेगा।
राजनीतिक सफर पर एक नजर
चंद्र कुमार बोस ने वर्ष 2016 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। वे पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे और 2016 के विधानसभा तथा 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। सितंबर 2023 में उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देते हुए कहा था कि पार्टी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के समावेशी विचारों से दूर हो गई है। इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, लेकिन चार महीने के भीतर ही पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया।