कोलकाता: एक गरीब परिवार की नौ वर्षीय बच्ची के इलाज की जिम्मेदारी अब राज्य सरकार उठाएगी। अपनी बेटी की गंभीर बीमारी और आर्थिक संकट से परेशान एक मां मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची, जहां उसकी गुहार सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च वहन करने का आश्वासन दिया।
आठ महीने की उम्र से बीमार है बच्ची
पीड़ित महिला घरो मे परिचारिका का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी महज आठ महीने की उम्र से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित है। लंबे समय तक स्थानीय डॉक्टर बीमारी की सही पहचान नहीं कर सके, जिसके बाद बेहतर इलाज की उम्मीद में बच्ची को वेल्लोर ले जाया गया।
इलाज का खर्च बना सबसे बड़ी बाधा
वेल्लोर में इलाज शुरू होने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। बच्ची के इलाज पर आने वाला भारी खर्च परिवार की क्षमता से बाहर था, जिसके कारण इलाज जारी रखना मुश्किल हो रहा था। मां ने बताया कि कई जगह मदद की गुहार लगाने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
पहले नहीं मिली मदद, अब मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा
महिला का कहना है कि पहले उन्होंने स्थानीय पार्षद से भी सहायता की मांग की थी, लेकिन उन्हें यह कहकर मदद से इंकार कर दिया गया कि इलाज दूसरे राज्य में हो रहा है और इस मामले में कुछ करना संभव नहीं है। आखिरकार उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरी स्थिति बताई।
मुख्यमंत्री ने दिया सहायता का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने महिला की समस्या सुनने के बाद बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी भी प्रकार की आर्थिक बाधा नहीं आने दी जाएगी और सरकार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मानवीय पहल की हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री की इस पहल को लेकर आम लोगों के बीच चर्चा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए यह मदद नई उम्मीद लेकर आई है और अब बच्ची के बेहतर इलाज का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।