धूपगुड़ी: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद से ही पूर्ववर्ती सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी ब्लॉक से विरोध प्रदर्शन का एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी योजनाओं के नाम पर ली गई 'कटमनी' (कमीशन) को वापस पाने के लिए ग्रामीणों ने पूरे गांव में बकायदा लाउडस्पीकर बांधकर मुनादी (माइकिंग) शुरू कर दी है। इसके साथ ही आरोपी टीएमसी नेताओं के घरों को घेरने की खुली चेतावनी भी दी गई है।
रात के अंधेरे में गाड़ी पर माइक बांधकर घूमे ग्रामीण
यह सनसनीखेज घटना धूपगुड़ी ब्लॉक के झाड़ आलता 2 नंबर ग्राम पंचायत इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, बीते रात इलाके के कुछ जागरूक नागरिकों ने एक छोटी गाड़ी पर लाउडस्पीकर (माइकिंग सेट) बांधा और पूरे गांव की गलियों में घूम-घूमकर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रचार किया।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पंचायत क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के एक गुट ने सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर आम और गरीब लोगों से मोटी रकम कटमनी के रूप में वसूली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के घर से लेकर 100 दिनों के काम (मनरेगा) तक, हर छोटी-बड़ी योजना में गरीब मजदूरों की खून-पसीने की कमाई को हड़पा गया है।
"पैसे लौटाओ, नहीं तो घर का हिसाब होगा"
गांव की सड़कों पर गूंज रहे लाउडस्पीकर के जरिए टीएमसी नेताओं को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा गया: "झाड़ आलता 2 नंबर ग्राम पंचायत के जिन भी तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों मेहनत-मजदूरी करने वाले गरीब लोगों का पैसा डकारा है, वे तुरंत उसे वापस करने का इंतजाम करें। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आम जनता को साथ लेकर आपके घरों का घेराव किया जाएगा और पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा।"
बड़े आंदोलन की तैयारी में जागरूक नागरिक
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन में शामिल एक आंदोलनकारी नागरिक ने बताया कि इलाके के कई छोटे-बड़े टीएमसी नेता इस कटमनी सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बेखौफ होकर जनता को लूटा है। अगर वे खुद से यह पैसा नहीं लौटाते हैं, तो आने वाले दिनों में सभी पीड़ितों और ग्रामीणों को एकजुट करके एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा और भ्रष्ट नेताओं को चैन से बैठने नहीं दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में सत्ता और प्रशासनिक स्तर पर हो रहे बदलावों के बीच धूपगुड़ी में जनता द्वारा खुद माइक लेकर सड़क पर उतरने की इस घटना ने राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और इससे टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व में हड़कंप मच गया है।