कोलकाता: भाजपा नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और हालिया गिरफ्तारियों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कॉलेजों में नकदी और हथियार बरामद होने की घटनाओं को शिक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति का प्रतीक बताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए।
कॉलेजों में नकदी और हथियार मिलने पर सरकार को घेरा
दिलीप घोष ने कहा कि राज्य की कॉलेज और यूनिवर्सिटी व्यवस्था पूरी तरह से भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आ चुकी है। उनका आरोप है कि दाखिले की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन होता रहा है और इसी वजह से कॉलेज परिसरों से नकदी बरामद हो रही है। उन्होंने दावा किया कि कई पेशेवर और लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए छात्रों से 30 हजार से 60 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। घोष ने कहा कि शिक्षा संस्थानों का माहौल इतना खराब हो चुका है कि अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बंगाल से बाहर भेजने को मजबूर हो रहे हैं।
कॉलेज परिसरों में हथियार मिलने पर जताई चिंता
कॉलेजों के भीतर से हथियार बरामद होने की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होगा, वहां हथियार और अन्य अवैध गतिविधियां भी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई शिक्षण संस्थानों का वातावरण चिंताजनक हो चुका है और कुछ घटनाएं सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति का अंदाजा लग रहा है।
सियालदह के पास हथियार बरामदगी पर बड़ा दावा
सियालदह स्टेशन के निकट आग्नेयास्त्र बरामद होने के मामले में दिलीप घोष ने कहा कि अस्पतालों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों जैसी जगहों का इस्तेमाल लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हिंसा और राजनीतिक संघर्षों के लिए बड़ी मात्रा में हथियार जमा किए गए थे। घोष का कहना है कि यदि व्यापक स्तर पर छापेमारी की जाए तो और भी हथियार बरामद हो सकते हैं।
अन्नपूर्णा भंडार और रोजगार योजनाओं पर टिप्पणी
राज्य सरकार की नई योजनाओं पर बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा कि मुफ्त बस यात्रा की शुरुआत पहले ही हो चुकी है और अन्नपूर्णा भंडार योजना भी शुरू की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में 125 दिनों के रोजगार कार्यक्रम समेत कई योजनाएं लागू होंगी और अधिकांश परियोजनाएं इसी महीने शुरू हो सकती हैं।
हॉकर्स हटाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया
कोलकाता में फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर चल रही चर्चाओं पर दिलीप घोष ने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रामक जानकारी फैलाकर जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए होते हैं और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। घोष ने रेलवे प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते अतिक्रमण पर भी चिंता जताई।
अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
सोनारपुर के एक व्यक्ति की मौत को लेकर अभिषेक बनर्जी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए दिलीप घोष ने कहा कि विपक्ष और तृणमूल कांग्रेस कुछ मामलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की भावनाओं को भड़काने के लिए कुछ घटनाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कुणाल घोष को लेकर तंज
तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही कथित खींचतान और कुणाल घोष की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब पार्टी में सक्रिय रूप से लड़ाई लड़ने वालों में कुणाल घोष प्रमुख चेहरा बनकर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई पुराने नेता विभिन्न मामलों में फंस चुके हैं और मौजूदा समय में कुणाल घोष ही संगठन की ओर से मुखर भूमिका निभा रहे हैं।
टीएमसी पार्षदों की गिरफ्तारी पर बड़ा आरोप
तृणमूल कांग्रेस के दो पार्षदों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत और नगर निकाय स्तर पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। घोष ने कहा कि कट मनी के मुद्दे को पहले हल्के में लिया जाता था, लेकिन अब जनता के दबाव में कई नेताओं को लोगों का पैसा लौटाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि कानून अपना काम करेगा और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।